भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर श्रीमद् भागवत कथा का हुआ शुभारंभ।
संजय यादव अयोध्या
अयोध्या। श्री दशरथ महल बड़ा स्थान में महंत स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य महराज के सानिध्य और जगतगुरु कृपालु रामभूषण दास महाराज के संयोजन में भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर श्रीमद् भागवत कथा का हुआ शुभारंभ। इस अवसर पर स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य ने कहा कि राम से बड़ा राम का नाम है, नाम सुमिरन से मनुष्य का कल्याण होता जाता है।चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ हो गया है। राम नगरी के मंदिरों में इसी के साथ धार्मिक अनुष्ठान प्रांरभ हो गए है। राम नवमी के उपलक्ष्य में रामकोट स्थित चक्रवर्ती महाराज श्री दशरथ जी का राजमहल बड़ा स्थान में सात दिवसीय श्री मद भागवत कथा रविवार से प्रांरभ हो गई है। रामायण का एक प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब राम रावण की लंका पर चढ़ाई करने की ठान लेते हैं और नल-नील नामक 2 वानर भाइयों की मदद से सौ योजन अथाह सागर पर सेतू बनाने की योजना बनाते हैं। लेकिन जब वानरों द्वारा सागर में फेंके जाने वाले पत्थरों पर भगवान राम अपने नाम को लिखा देखते हैं, तो वह सोचते हैं कि इस पर राम नाम क्यों लिखा जा रहा है। इस पर बल बुद्धि के ज्ञाता श्री हनुमान ने कहा कि “सृष्टि में युगों-युगों तक राम नाम के इस सेतु द्वारा ही लोग राम नाम लिखे इन पत्थरों में श्रीराम के दर्शनों को अनुभव करेंगे। इस पर संत महाराज ने एक सुंदर भजन प्रस्तुत करते हुए कहाकि दो अक्षर का प्यारा नाम, जय जय राम जय श्री राम, दशरथ नंदन राजा रामजय जय राम जय श्री राम।”व्यास पीठ से डॉ मनोज मोहन शास्त्री ने भागवत महात्मा कि कथा कही।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





