बच्चों को समझाया गुड टच-बैड टच का फर्क। हुई

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चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया की रिपोर्ट
भादसोड़ा
चुप्पी नहीं, आवाज उठाना जरूरी : बच्चों को समझाया गुड टच-बैड टच का फर्क
भादसोड़ा। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के निर्देशानुसार मंगलवार को ‘Transformative Tuesdays’ अभियान के तहत प्रेरणा पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में ‘Good Touch, Bad Touch’ विषय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम हुआ। आयोजित सत्र में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कुमार अग्रावत ने विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच का अंतर समझाते हुए व्यक्तिगत सुरक्षा, बाल अधिकार, आत्मसम्मान और सुरक्षित व्यवहार की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने शरीर पर अधिकार है। कोई स्पर्श असहज, भयभीत या असुरक्षित महसूस कराए तो उसे पहचानकर उसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
उन्होंने POCSO Act-2012 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि अनुचित व्यवहार या शोषण की घटना को छिपाने के बजाय माता-पिता, शिक्षक या विश्वसनीय व्यक्ति को तुरंत बताएं। उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी देने के साथ व्यक्तिगत सीमाओं और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी समझाया।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुमित्रा चौधरी ने बाल अधिकार, विधिक संरक्षण और लैंगिक संवेदनशीलता पर जानकारी दी। विद्यार्थियों ने विषय से जुड़े सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि चुप्पी समाधान नहीं है। असहज या अनुचित स्थिति में साहस से अपनी बात रखें और जरूरत पड़ने पर मदद लें। जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे सशक्त माध्यम है।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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