जैन स्थापना दिवस मनाया।
*जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक तपागछ संघ द्वारा आयोजित आज सर्वोदय आराधना भवन में विराजित उपाध्याय दिवचंद विजय जी मारा साहिब ने जैन स्थापना दिवस के बारे में बताया कि सर्व विरति-देश विरति धर्म’आज से २५५२ वर्ष पूर्व वैशाख सुदि ग्यारस ११ को, (भगवान के केवलज्ञान के दुसरे दिन )पावापुरी में जहां गौतम स्वामी और चंदनबाला को दीक्षा प्रदान करके समवसरण के समक्ष अपनी द्वितीय देशना देते हुए प्रभु श्री महावीर ने यही सदुपदेश दिया था.और उसी समवसरण में जिनशासन की स्थापना हुई थी चरमतीर्थ शासनपति भगवान श्रीमहावीर द्वारा स्थापित जिनशासन के चतुर्विध संघ के चार स्तम्भ हैं.जिनमें पंचमहाव्रतधारी साधु,पंचमहाव्रतधारी साध्वी,नियमव्रतधारी श्रावक और नियमव्रतधारी श्राविका का समावेश हुआ. भगवान द्वारा प्रतिपादित देशना अहिंसा परमोधर्म,सभी जीवों के लिए करूणा का महामंत्र हैं. किसी का भी किसी भी प्रकार से किसी से भी अहित ना हो यही धर्म का मूल भाव है, भगवान महावीर का जैन धर्म -जिनशासन हमें यहीं सिखाता हैं, चतुर्विध संघ को चाहिये वे सभी आगम के दिशानिर्देशों के अनुसार अपने धार्मिक आचरण को प्रमाणित रखें.हम जिनशासन के सिद्धांतों के प्रति निष्ठावान और समर्पित रहें.हमारी धार्मिक आराधना आत्म उन्नति के उत्कर्ष का आधार बनें. संप्रदाय और गच्छ से उपर उठकर हमारा चिंतन-मनन हो परस्परोग्रहो जीवानाम् के प्रभावक सूत्र को हम अपने जीवन में सदा धारण करे,,, हम अपने जीवन में इन्हें आत्मसात करें और वितराग के दिखाए गए पथ पर चलने का निरंतर प्रयास रखें,,, जिनशासन के गौरव को ओर अधिक गौरवान्वित करें इस अवसर पर संभव जैन,अमित मेहता,दिलीप नाहटा,कल्पेश कुमार,प्रकाश कुमार एवम् जैन धरम की श्राविकाओ मैं उपस्थिति में स्थापना दिवस का कार्यक्रम मनाया*
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





