खाद प्लांट के विरुद्ध जन-विद्रोह।

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चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया

चित्तौड़गढ़ में खाद प्लांट के विरुद्ध ‘जन-विद्रोह

‘, हनुमान जन्मोत्सव पर सड़कों पर उतरा जनसैलाब।

चित्तौड़गढ़ / चंदेरिया | औद्योगिक प्रदूषण की मार झेल रहे चित्तौड़गढ़ के पुठोली क्षेत्र में अब आर-पार की जंग शुरू हो गई है। प्रस्तावित खाद प्लांट (फर्टिलाइजर) के विरोध में आज हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर भक्ति, शक्ति और आक्रोश का ऐसा मंजर देखा गया जिसने जिला प्रशासन और हिंदुस्तान जिंक प्रबंधन की चूूलें हिला दीं। पुठोली सहित आधा दर्जन गाँवों के ग्रामीणों ने लामबंद होकर स्पष्ट संदेश दे दिया है कि “जान दे देंगे, लेकिन जमीन और सेहत से खिलवाड़ करने वाला प्लांट नहीं लगने देंगे ।

*भक्ति के साथ शक्ति प्रदर्शन मंदिर से कार्यालय तक गूँजा विरोध !*
गुरूवार सुबह पुठोली बस स्टैंड स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ इस आंदोलन का आगाज हुआ। पुठोली, मूंगा का खेड़ा, नगरी,बिलिया, धोरडिया, चंदेरिया, सालेरा, मेडी खेडा, सुवानिया और आजोलिया खेड़ा के सैकडों ग्रामीण ढोल-धमाकों और विरोध की तख्तियों के साथ एकत्र हुए । यहाँ से शुरू हुई रैली एक जनसैलाब में तब्दील हो गई । ग्रामीणों ने सबसे पहले ग्राम पंचायत पुठोली में चल रही जनसुनवाई में दस्तक दी और पंचायत सचिव को ज्ञापन सौंपकर इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया कि जनता की मर्जी के बिना गाँव की दहलीज पर मौत का सामान (खाद प्लांट) क्यों लाया जा रहा है ?

*प्रदूषण विभाग के बाहर अनोखा प्रदर्शन सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा पाठ !*
रैली जैसे ही चंदेरिया स्थित राज्य प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय पहुँची, नजारा पूरी तरह बदल गया। ग्रामीणों ने वहां धरना दिया और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वे भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि राजस्थान सरकार, जिला प्रशासन और हिंदुस्तान जिंक के अधिकारियों को ‘सद्बुद्धि’ मिले ताकि वे चंद रुपयों के मुनाफे के लिए हजारों लोगों के जीवन को खतरे में डालना बंद करें।

*सुप्रीमो का पुतला दहन और प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि !*
विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों का गुस्सा उस समय सातवें आसमान पर पहुँच गया जब उन्होंने हिंदुस्तान जिंक के सुप्रीमो अनिल अग्रवाल का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने न केवल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की, बल्कि अनिल अग्रवाल के सुपुत्र को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर एक बेहद तीखा और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का तर्क था कि जो प्रबंधन जनता की आवाज नहीं सुनता, वह उनके लिए अस्तित्वहीन है।
बिना स्वीकृति निर्माण का आरोप,कानूनी कार्रवाई की मांग
प्रदूषण विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते समय ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए।

*ग्रामीणों ने कहा:* अवैध निर्माण- प्लांट को अभी तक अंतिम पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं मिली है, फिर भी धरातल पर निर्माण कार्य गुपचुप तरीके से जारी है।
कानूनी उल्लंघन- बिना स्वीकृति के चल रहे इस निर्माण पर तत्काल रोक लगाकर कंपनी पर कानूनी मुकदमा दर्ज किया जाए।

*पर्यावरण का संकट-* क्षेत्र पहले से ही डार्क जोन और प्रदूषण की चपेट में है, ऐसे में नया प्लांट यहाँ के जल स्तर और वायु को पूरी तरह जहरीला बना देगा।

*चेतावनी, “यह तो अभी शुरुआत है”*
आंदोलनकारियों ने मिन्नत भरे लहजे में अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन साथ ही दो टूक शब्दों में चेतावनी भी दी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रस्तावित खाद प्लांट को निरस्त नहीं किया गया और अवैध निर्माण पर ताला नहीं जड़ा गया, तो आने वाले दिनों में चित्तौड़गढ़ के हर गाँव से बच्चा-बच्चा सड़कों पर उतरेगा और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

*”हमें खाद प्लांट नहीं, शुद्ध हवा और पानी चाहिए। “*

समस्त ग्रामवासी संघर्ष समिति

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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