चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया
सरकारी कर्मचारी राजनेता वैश्य समाज मृत्यु भोज शादी समारोह में फिजूल खर्ची में आगे
पूरे मेवाड़ में वर्तमान समय में सभी जातियों में जो किसान वर्ग और मजदूर दैनिक वेतन भोगी वाले सभी वर्गों ने अपने-अपने समाज में एकता की है की शादी समारोह मृत्यु हो और किसी में फिजूल खर्ची पूर्ण रूप से बंद पाबंदी समाज द्वारा की गई,,,,,,,,,,,, दूसरी तरफ वैश्य समाज जैसे सभी ठिकानों के राजपूत समाज जैन माहेश्वरी अग्रवाल ब्राह्मण समाज एवं सरकारी कर्मचारी राजनेता और वैश्य समाज में कोई एकता नहीं है जो जिसके घर में जितना हाथ लंबा होता है उतना खर्च करने का उसको अधिकार है चाहे वह मृत्यु भोज हो चाहे वह शादी समारोह आजकल के वर्तमान समय में शादी समारोह में वेश्य राजपूत समाज में या महाजन समाज में लड़की की शादी में छोटा-मोटा अगर खर्चा करें तो 10 से 20 लाख रुपया मामूली बात है और, जो जितना लंबा कारोबारी होता है इंडस्ट्रियल या लंबा व्यापार करने वाला बड़ा अधिकारी या मेवाड़ राज्य की विरासत ठिकाने वाले उनकी शादी समारोह में खर्च करने की कोई लिमिट नहीं है 50,ल।ख, या 1करोड़ भी खर्च हो जाते हैं और बैंड डीजे घोड़ी टेंट इवेंट वाटिका जिसकी जितनी जेब गर्म होती है वह खर्च करता है
Author: Rainbow News Hindustan
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