महापौर के हस्तक्षेप से खत्म हुई ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल
यात्रियों को मिली राहत, परिवहन व्यवस्था पटरी पर लौटने की फिर से हुई उम्मीद
अयोध्या धाम । मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या के प्रमोद वन मोहल्ले में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलनरत ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल सोमवार को एक बड़े घटनाक्रम के बाद समाप्त हो गई। नगर निगम के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी के प्रभावी हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद यूनियन ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया। यह आंदोलन कृष्णा फाउंडेशन और अयोध्या जी ई-रिक्शा कल्याण सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जा रहा था। ई-रिक्शा चालक अपनी रोजी-रोटी, रूट निर्धारण और प्रशासनिक बाधाओं जैसी समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे थे। ई-रिक्शा के हड़ताल के चलते शहर में आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। स्थिति गंभीर होते देख महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने मध्यस्थता करते हुए दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराई। सकारात्मक माहौल में हुई बातचीत के बाद कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति बनी, जबकि शेष मांगों पर विचार जारी रखने का आश्वासन दिया गया। यूनियन के संस्थापक माधव मुकुंद त्रिपाठी ने हड़ताल समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि प्रशासन ने फिलहाल कुछ अहम मांगों को स्वीकार कर राहत प्रदान की है, जिसमे सी ओ स्तर से कुछ जगह कट तक जाने की औपचरिक अनुमति देने की बात की जा रही है l जिसके बाद आज से ई-रिक्शा संचालन पुनः शुरू किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष विराम स्थायी समाधान नहीं है। शेष मांगों को लेकर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। माधव मुकुंद त्रिपाठी ने बताया कि हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है, बल्कि ई-रिक्शा चालकों के हितों की रक्षा करना है। महापौर के हस्तक्षेप का हम स्वागत करते हैं, लेकिन अपनी बाकी मांगों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। हड़ताल समाप्त होने की घोषणा के बाद अयोध्या की परिवहन व्यवस्था के पुनः पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों बल्कि दूर-दराज़ से आने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ी राहत मिलेगी।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





