आचार्य निपुणरत्न सूरीश्वरजी का हुआ भव्य मंगल प्रवेश।

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चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया की रिपोर्ट करेड़ा पार्श्वनाथ तीर्थ में स्वर्ण जयंती महोत्सव का शंखनाद: आचार्य निपुणरत्न सूरीश्वरजी का हुआ भव्य मंगल प्रवेश
​भूपालसागर। मेवाड़ की पावन धरा पर स्थित सुप्रसिद्ध शंखेश्वर करेड़ा पार्श्वनाथ तीर्थ में जीर्णोद्धार के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को तीन दिवसीय स्वर्ण जयंती महोत्सव का भक्तिमय आगाज़ हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर परमोपकारी आचार्य भगवंत श्रीमद विजय निपुणरत्न सूरीश्वर जी म.सा. एवं पन्यास प्रवर निराग रत्न विजय जी म.सा. का गाजे-बाजे और जयकारों के साथ तीर्थ परिसर में मंगल प्रवेश हुआ।
-: ​50 वर्ष पूर्व इसी तिथि पर हुई थी प्रतिष्ठा :-
​मंदिर कमेटी के सक्रिय सदस्य महेंद्र सेठ ने बताया कि आज से ठीक 50 वर्ष पूर्व इसी पावन तिथि पर तीर्थ के राजाधिराज करेड़ा पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा की प्रतिष्ठा संपन्न हुई थी। यह तीर्थ अपनी चमत्कारी प्रतिमा और जाग्रत अधिष्ठायक देव के कारण देशभर के श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है।
-: ​धार्मिक अनुष्ठानों की धूम, अठारह अभिषेक महापूजन संपन्न :-
​महोत्सव के प्रथम दिन आचार्य भगवंत की निश्रा में पन्यास भगवंत ने अपने ओजस्वी प्रवचनों से धर्मसभा को निहाल किया। दोपहर में भक्तिभाव के साथ ‘अठारह अभिषेक महापूजन’ का आयोजन हुआ, जिसमें मेवाड़ और मालवा क्षेत्र से आए बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने मंत्रोच्चार के साथ प्रभु भक्ति की।
-: ​कल निकलेगा भव्य वर्षीदान वरघोड़ा: संयम पथ पर बढ़ेंगे कदम :-
​महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को विशेष आकर्षण मुमुक्षु मानुषी कुमारी एवं इति कुमारी का भव्य वर्षीदान होगा। मुमुक्षु बहनें वैभवशाली सांसारिक सुखों का त्याग कर संयम के मार्ग पर अग्रसर होंगी। इस दौरान निकलने वाली शोभायात्रा (वरघोड़ा) में मेवाड़-मालवा के 50 से अधिक महिला मंडल अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
इस महोत्सव में ​50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मंदिर शिखर पर विशेष ध्वजारोहण, मुमुक्षु बहनों का वर्षीदान और त्याग की झलक सहित कई आयोजन मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेंगे । आज के इस आयोजन में तीर्थ सचिव अनीश कोठारी, मुंबई से श्रेणिक जोगातर, प्रवीण राठौड़ सहित स्थानीय सकल संघ के गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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