चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया
प्राकट्य स्थल पर संचालित ट्रस्ट की आवश्यक बैठक गोपनीय तरीके से सम्पन्न।
दो सत्रों में हुई बैठक का एजेण्डा भी नहीं हुआ सार्वजनिक
ट्रस्ट ने इस बैठक को बनाया वीवीआईपी, सिर्फ प्रवेश पत्र के माध्यम से ही दिया प्रवेश।
देवस्थान विभाग के अधीन ट्रस्ट को देने पर सदस्यों की बनी आम सहमति।
भादसोड़ा, ।
प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री साँवरिया सेठ प्राकट्य स्थल बागुण्ड पर संचालित ट्रस्ट की एक आवश्यक बैठक मंगलवार को गोपनीय तरीके से सम्पन्न हुई। बैठक को वीवीआईपी बैठक के तर्ज पर इतना गोपनीय बनाया गया कि बैठक का एजेंडा तक ना तो सार्वजनिक किया गया और सदस्यों को भी प्रवेश पत्र के माध्यम से ही बैठक में सम्मिलित करने दिया गया। अपने इस रवैये को लेकर श्री साँवरिया सेठ प्राकट्य स्थल बागुण्ड पर संचालित ट्रस्ट पुनः चर्चाओं में आ गया हैं। विगत लंबे समय से आस पास के छह गांवों के ग्रामीण इस ट्रस्ट को देवस्थान विभाग के अधीन संचालित करने की मांग कर रहे है और मंगलवार को ग्रामीणों की यह मांग और सपना पूरा हुआ तथा ट्रस्ट के सदस्यों ने मंगलवार सुबह हुई बैठक में ट्रस्ट को देवस्थान विभाग के अधीन संचालित करने पर आम सहमति बनाई तथा मंगलवार दोपहर को ही आयोजित दूसरी बैठक में देवस्थान विभाग के अधीन संचालित करने के लिए आवश्यक मसौदा तैयार कर जिला कलेक्टर को भी शीघ्र भिजवाने का निर्णय लिया।
*ट्रस्ट ने इस बैठक को बनाया वीवीआईपी*
श्री साँवरिया सेठ प्राकट्य स्थल बागुण्ड पर संचालित मौजूदा ट्रस्ट की ओर से 17 जनवरी को एक सूचना सदस्यों को जारी की गई थी कि 27 जनवरी को प्रातः 11 बजे कार्यालय में एक आवश्यक बैठक आयोजित की जा रही है और इस बैठक में सदस्यों को प्रवेश पत्र के माध्यम से ही प्रवेश दिया जायेगा। स्थानीय निकाय यथा जिला परिशद्, पंचायत समिति या अन्य नगर निकाय की बैठकों में भी कभी इस तरह की पास व्यवस्था नहीं होती है। श्री साँवरिया सेठ प्राकट्य स्थल बागुण्ड पर संचालित ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस बैठक को वीवीआईपी से अधिक बनाते हुए इतनी गोपनीयता बरती कि सदस्यों को बैठक में पहुंचने पर ही बैठक का एजेंडा पता चल सका।
*मीडिया के प्रवेश को भी किया वर्जित*
श्री सांवलिया सेठ प्राकट्य स्थल बागुण्ड पर संचालित ट्रस्ट की मंगलवार को आयोजित कार्यकारिणी बैठक में मीडिया के प्रवेश को भी प्रतिबन्धित किया गया। बैठक में सिर्फ उन्ही लोगों को प्रवेश दिया गया जिन्हे पूर्व में पास जारी किया गया था। मीडिया, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं कुछ अधिवक्ताओं को परिसर में भी नही घुसने दिया गया। भदेसर वृत्ताधिकारी विनोद कुमार मय भादसौड़ा थानाधिकारी महेन्द्र सिंह एवं जाप्ते के साथ मौके पर माकूल व्यवस्था के लिए मौजूद रहे।
*ट्रस्ट के पदाधिकारियों का फिर नजर आया रूखा रवैया*
श्री साँवरिया सेठ प्राकट्य स्थल बागुण्ड पर संचालित ट्रस्ट के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों का मंगलवार को भी रूखा रवैया रहा। ट्रस्ट द्वारा बुलाई गई बैठक के दौरान ग्राम पंचायत भादसौड़ा के प्रशासक षंभुलाल सुथार, विश्व हिन्दू परिशद् के प्यारचंद सेन सहित कई अधिवक्ताओं, ग्रामीणों एवं मीडिया ने बैठक को लेकर जानकारी लेनी चाही लेकिन अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने बड़ी बेरूखी से सिर्फ इतना कहा कि ट्रस्ट को देवस्थान विभाग के अधीन देने पर सहमति बन गई है और बाकी बातों से आपका कोई लेना देना नही है। पदाधिकारियों ने तो इतना तक कहा कि यह बैठक सिर्फ सदस्यों के लिए थी मीडियाकर्मी एवं अन्य प्रतिनिधि इस बैठक के लिए अपेक्षित नही है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों का इस तरह का रवैया दर्शाता है कि वे सरकार से भी ऊपर है क्योंकि आज तब सरकारी तंत्र ने भी कभी बैठकों में इस तरह से मीडिया को प्रतिबंधित नही किया है।
*पूर्व में भी ग्रामीण जता चुके है विरोध*
श्री साँवरिया सेठ प्राकट्य स्थल बागुण्ड पर संचालित ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर पूर्व में भी कई बार ग्रामीणों द्वारा विरोध व्यक्त किया जा चुका है। विगत सितम्बर के दूसरे पखवाड़े में ग्रामीणों ने श्री साँवरिया सेठ प्राकट्य स्थल बागुण्ड पर संचालित ट्रस्ट की अनियमितताओं एवं अव्यवस्थाओं को लेकर पांच दिनों तक अनिश्चितकालीन धरना दिया था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाये है कि विगत कुछ वर्षों में कार्यकारिणी या जनरल मीटिंग सोसायटी एक्ट के नियमों के अनुसार नहीं हुई है। 2023 में भी कमेटी के अधिग्रहण और नए चुनाव कराने की मांग उठी थी लेकिन हर बार मौजूदा ट्रस्ट द्वारा केवल आश्वासन ही दिये गये थें। लेकिन मंगलवार को आयोजित हुई बैठक ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं के लिए सुखद रही कि मौजूदा कमेटी ने ट्रस्ट को देवस्थान विभाग के अधीन संचालित करने की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति व्यक्त की।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





