श्रीराम कथा में गूंजा जय श्रीराम, राम जन्म प्रसंग का हुआ भावपूर्ण मंचन।
संजय यादव अयोध्या
राम नगरी अयोध्या में आयोजित सात दिवसीय श्री राम कथा का भव्य आयोजन किया गया। इस पावन कथा के मुख्य आयोजक श्री लाडो नारायणी परिवार हैं, जिनके पूज्य बाबूजी के सान्निध्य में यह आयोजन संपन्न हो रहा है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंचे, वहीं राजस्थान के भीलवाड़ा सहित अन्य क्षेत्रों से भी भक्तों की सहभागिता रही।
कथावाचक ने बताया कि उन्हें पूर्व में चार धाम—बद्रीनाथ, द्वारिका पुरी, जगन्नाथ पुरी तथा भगवान श्री रामेश्वरम धाम—में कथा कहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। संस्था का मुख्य उद्देश्य यही है कि तीर्थ स्थलों पर अधिक से अधिक लोगों को कथा श्रवण का सौभाग्य मिलता रहे।
कथा के दौरान भगवान श्री राम के अवतार के भावार्थ को विस्तार से समझाया गया। बताया गया कि प्रभु राम का अवतार केवल रावण वध या संतों की सेवा के लिए नहीं, बल्कि शबरी के निष्कलंक प्रेम और प्रतिष्ठा के कारण हुआ। भगवान जब भी धरती पर आते हैं, प्रेम के कारण आते हैं। आज की कथा में श्री राम के जन्म कर्म के साथ-साथ उनकी बाल लीलाओं का भी सुंदर वर्णन किया गया।
कथावाचक ने कहा कि केवल बाहरी सुंदरता से जीवन श्रेष्ठ नहीं बनता, बल्कि चरित्र की शुद्धि आवश्यक है, और यह शुद्धि रघुनाथ जी की कथा से आती है। इसी संस्थान के प्रयास से वृंदावन में कथा व्यास शिवम कृष्ण जी महाराज ने जानकारी दी कि श्री राम वृंदावन आश्रम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहां श्री राधा-कृष्ण भगवान का भव्य मंदिर, भक्तों के ठहरने हेतु लगभग 20 कमरे, 300 श्रद्धालुओं के आवास की व्यवस्था तथा एक विशाल सत्संग भवन बनाया जा रहा है, जो लगभग 45 महीनों में पूर्ण होने की संभावना है।
Author: Rainbow News Hindustan
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