भारतीय संविधान को परंपरा से जोड़ने पर विश्व को नई राह दिखाएगा -भागवत

SHARE:

भारतीय संविधान को परंपरा से जोड़ने पर विश्व को नई राह दिखाएगा -भागवत
समालखा,हरियाणा

भारतीय संविधान संविधान सभा द्वारा निर्मित है जिसकी प्रस्तावना का प्रारंभ ‘हम’ से हुआ है।इस संविधान को परंपरा से जोड़ने पर यह विश्व को नई राह दिखा सकता है। उक्त उद्गार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक परम पूज्य मोहन भागवत ने स्थानीय श्री माधव जन सेवा न्यास ,गांव पट्टी कल्याणा में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के त्रयोदश राष्ट्रीय महाधिवेशन के उद्घाटन समारोह में व्यक्त किए।
भागवत ने कहा कि हमें संविधान को समझने के लिए संविधान सभा में डा अम्बेडकर द्वारा दिए गए भाषणों को जरुर पढना चाहिए। संविधान के पृष्ठों पर बनाएं चित्र ‘हम ‘ भावना के परिचायक है। उन्होंने कहा कि यह अधिवेशन अपने विषय भारतीय इतिहास, संस्कृति और संविधान को चरितार्थ करेगा। उद्घाटन समारोह के विशिष्ट अतिथि केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि इस समय देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है, पिछले वर्षों में भारतीय इतिहास को विकृत करने के प्रयास हुए हैंअब इन्हें भारतीय इतिहास दृष्टि के अनुरूप सही करने की आवश्यकता है। समारोह की अध्यक्षता डॉ देवीप्रसाद सिंह ने की।
परम पूज्य मोहन भागवत व गजेंद्र इससिंह शेखावत के करकमलों से भारत माता व बाबा साहब आप्टे की तस्वीर पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन से शुरू हुए इस समारोह में सर्वप्रथम हेमंत धिंग मजूमदार ने स्वागत भाषण दिया तत्पश्चात ईश्वर विश्वकर्मा के नेतृत्व में अतिथियों का स्वागत किया गया। तत्पश्चात डॉ प्रशांत गौरव ने विषय प्रवर्तन किया तत्पश्चात अतिथियों द्वारा अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना द्वारा प्रकाशित अमृत वांग्मय का विमोचन किया गया तत्पश्चात प्रोफेसर रघुवेंद्र तंवर द्वारा बीज वक्तव्य दिया गया। इसके बाद विशिष्ट अतिथि केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के उद्बोधन के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक परम पूज्य मोहन भागवत का पाथेय मिला। तत्पश्चात संरक्षक गोपाल नारायण सिंह ने अपनी बात रखी।अंत में डा रमेश धारीवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। वंदे मातरम गीत के साथ उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ।मंच संचालन प्रोफेसर ईश्वर शरण विश्वकर्मा ने किया।
आज से शुरू हुआ यह अधिवेशन 7दिसंबर तक चलेगा।इस राष्ट्रीय महाधिवेशन में 1500से अधिक इतिहासकार भाग ले रहे हैं। इतिहास संकलन समिति मरु क्षेत्र जोधपुर से भी अध्यक्ष डॉ रामसिंह आढा व प्रांत महासचिव डॉ देवाराम के नेतृत्व में 26 इतिहासकार इस महाधिवेशन में भाग ले रहे हैं।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

Leave a Comment