मातृशक्ति अपने अंदर छुपी प्रतिभा को जागृत कर बच्चों को सुसंस्कारवान बनाने की महत्ती आवश्यकता।
आदर्श विद्या मंदिर मे सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम सम्पन।
घाणेराव,पाली
राष्ट्रीय स्वयंसेवक अपनी स्थापना के 100 वर्ष होने पर शताब्दी दिवस मना रहा है। इस मौके पर अनुशांगिक संगठन विद्या भारती संस्थान के मार्गदर्शन में आदर्श विद्या मंदिर घाणेराव में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम मुख्य अतिथि श्रीमति काशिका राणा (युवरानी रावला घाणेराव) व मुख्य वक्ता उमा गौड ने मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ

किया। पुजा प्रजापत ने अतिथियों का परिचय व ललिता वैष्णव ने स्वागत किया। मुख्या वक्ता उमा जी गौड़ ने कहा कि परिवार के संचालन में माता की भुमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। परिवारिक मूल्य संस्कार देना और समाज को मजबुत बनाने में घर की महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। और परिवार ही समाज की प्रथम पाठशाला है। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण वीरांगनाओं एवं विदुषी महिलाओं के वेश में सजी-धजी बालिकाएं और उनके प्रेरित करते भाव, मातृ शक्ति को प्रेरित करना। अंत में मातृशक्ति ने संकल्प लिया की वे सभी कुंटव प्रबोधन और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देकर समाज व देश निर्माण में भुमिका निभाएगी। जिसमें उपस्थित आचार्या मोनिका परिहार, गुंजन कुंवर व निरमा कुमारी व मातृशक्ति उपस्थित थे।
Author: Rainbow News Hindustan
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