सांस्कृतिक संध्या में हुआ श्रीराम विवाह का मनमोहक मंचन।

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44वें रामायण मेले का दूसरा दिन भव्य: सांस्कृतिक संध्या में हुआ श्रीराम विवाह का मनमोहक मंचन।

अयोध्या।

रामायण मेला समिति द्वारा आयोजित 44वें रामायण मेले का दूसरा दिन सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत भव्य और आकर्षक रहा। दिन का शुभारंभ हरे राम दास की रामलीला से हुआ, जिसमें ‘राम कलेवा’ का सुंदर मंचन किया गया। इसके बाद प्रवचन सत्र ने श्रद्धालुओं को रससिक्त किया।
सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ डॉ. सुनीता शास्त्री द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। समिति के उपाध्यक्ष महंत अवधेश दास शास्त्री ने उनका स्वागत किया।
बीते वर्ष हुए एमओयू के अंतर्गत भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ द्वारा निर्देशित कथक शैली में श्रीराम विवाह की नृत्य-नाटिका दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रही, जिसका निर्देशन राम मोहन महाराज और रेनू शर्मा ने किया।
कार्यक्रम में डॉ. कल्पना एस. बर्मन ने रामचरित पर आधारित लोकगायन प्रस्तुत किया, जबकि अग्निहोत्री बंधुओं ने मधुर रामभजन से वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।
अवधी लोककला को दर्शाता फरवाही नृत्य माता प्रसाद द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा प्रयागराज की सोनाली चक्रवर्ती ने ‘राम दरबार’ नृत्य-नाटिका से सभी का मन जीत लिया।
समिति के संयोजक आशीष मिश्रा ने बताया कि यह मेला 44 वर्षों से रामायण की सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है।
मुख्य अतिथि डॉ. सुनीता शास्त्री ने कहा कि रामायण मेला न केवल धर्म और संस्कृति का प्रतीक है, बल्कि यह हमें भगवान राम के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा भी देता है।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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