लाचित बरफुकन व गुरु तेगबहादुर के जीवन से प्रेरणा लेकर एक भारत श्रेष्ठ भारत बनाएं -माली
नाडोल,पाली।
पूर्वोत्तर के शिवाजी के रूप में विख्यात महान सेनापति लाचित बरफुकन व गुरु तेगबहादुर हमारे प्रेरणास्रोत हैं।हम इनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र को अपना सर्वश्रेष्ठ देते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत बनाएं।उक्त उद्गार अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी देसूरी विजयसिह माली ने निकटवर्ती राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोटड़ी में प्रार्थना सभा में व्यक्त किए।
माली ने कहा कि असम के महान सेनापति लाचित बरफुकन ने पूर्वोत्तर में मुगलों के प्रतिरोध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए सराईघाट के युद्ध में विजय प्राप्त की। उनकी छापामार युद्ध प्रणाली व श्रेष्ठ नौसेना का गठन अनुकरणीय है। उन्होंने राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए अपने मामा को भी दंडित किया ।इसी प्रकार सिक्खों के नवें गुरु तेगबहादुर ने राष्ट्र व धर्म संस्कृति के लिए अपना बलिदान तक दे दिया। उन्होंने दोनों महापुरुषों से जुड़े प्रेरक प्रसंग भी सुनाएं।उन्होंने कहा कि हमें इन दोनों महापुरुषों पर गर्व और गौरव करते हुए इनकी जीवनी पढ़नी चाहिए।
इससे पहले प्रधानाचार्य अशोक कुमार ने लाचित बरफुकन व गुरु तेगबहादुर की जीवनी पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर स्काउटर मेघाराम ने एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम की जानकारी दी।इस अवसर पर शंकरलाल चौहान समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। तत्पश्चात माली ने विद्यालय में चल रही अर्द्धवार्षिक परीक्षा का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम में राजस्थान का युग्म राज्य असम है। लाचित बरफुकन का संबंध असम से था।
Author: Rainbow News Hindustan
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