श्री सांवलिया सेठ के भंडार से गौ संरक्षण हो।

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चित्तौडगढ
जिला ब्यूरो चीफ नरेन्द्र सेठिया की रिपोर्ट

श्री सांवलिया सेठ के भंडार से गौ संरक्षण हो

चित्तौडगढ श्री सांवलिया सेठ भंडार से निराश्रित गौ माता की सेवा हो सहायता राशि प्रदान हो तथा गौ का संरक्षण हो उसको लेकर चित्तौडगढ के संत समाज आगे आये
संत समाज व सनातनी हिन्दु ने कलेक्टर चित्तौडगढ को ज्ञापन सौंपा

निराश्रित,उपेक्षित और असहाय गौ-माताओं की सेवा हेतु श्री सांवलिया मंदिर भंडार से सहायता प्रदान
करने सम्बन्धी निवेदन ।
43 अनुदानित गौशाला, 12 अनुदान प्रक्रिया अंतर्गत एंव 15 गैर अनुदानित गौशाला हेतु ।

भारत की देवभूमि में स्वयं भगवान राम के पूर्वज राजा
दिलीप,,श्री कृष्ण भगवान से लेकर तेजाजी महाराज, देवनारायण भगवान, पाबूजी, जाम्भोजी ने गोसेवा करके यह
बताया है कि भारत की संस्कृति के मूल में जो सत्य प्रेम करूणा की त्रिवेणी बह रही उसका पोषण जगत
जननी गोमाता के गव्यों और उनके अमोघ आशीर्वाद से होता रहा हैं। स्वंय सांवरिया जी भी इस धरा धाम पर
गौ सेवा करके गोपाल कहलाये ।
आदिकाल से भारतीय समाज और संस्कृति में गाय को माँ का स्थान दिया गया है क्योंकि गौ-माता से ही
प्रकृति और मानव में सात्विकता आती है गाय से प्राप्त गौमूत्र, गोबर, दुध, दही, घृत आदि पंचगव्य के लाभदायक
गुण, वातावरण को शुद्ध करने की क्षमता, वैज्ञानिक, आर्थिक और चिकित्सकीय लाभो के कारण उसमें तैंतीस
कोटि देवों का वास माना जाता रहा है, किन्तु काल चक की गति से वर्तमान में उसी गौ-माता की स्थिति बड़ी
दयनीय हो चुकि है । यथा-गाय घरो में ना होकर सड़को पर भुखी प्यासी इधर-उधर भटक रही है ।
चारे के अभाव में प्लास्टिक खाने से बीमार होकर मर रही है ।
आए दिन सड़को पर वाहन दुर्घटनाओं की शिकार होकर घायल हो जाती है या मर जाती है ।
इधर-उधर भटकते गौवंश से प्रतिदिन अनेक लोग भी सड़क दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे है ।
गौ-तस्कर रात्रि के समय स्थिति का लाभ उठाकर असहाय अनाथ गाँवश को पकड़ कर कत्लखानो में
पहुंचा रहे है ।उक्त समस्याओ से गौ-माता को निजात दिलाने हेतु निम्नलिखित बिन्दुओ पर विचार करते हुए निर्णय लिया
जाना अपेक्षित है

• श्री सांवलिया मन्दिर में प्रतिमाह श्रद्धालुओ की आस्था से भण्डार में जो भेंट राशि एकत्र होती है, वह
धर्म और सेवा के कार्यों में ही लगायी जानी चाहिए।
• इसी भावना से निवेदन है कि मन्दिर – मंडल एक माह की भेंट राशि को गौ-माता की सेवा के लिए
समर्पित करे।
इस राशि को जिले की रजिस्टर गौ-शालाओं को सहयोग स्वरूप दिया जाये ताकि वह गौ-माताओ के
निवास,चारे–पानी, चिकित्सा और देखभाल की उचित व्यवस्था हो सके और चित्तौड़गढ़ जिले में एक
भी गौवंश असहाय होकर सड़क पर ना रहे ।
चुकि श्री सांवलिया सेठ खुद गो-पालक है, अतः मन्दिर के आस पास के क्षेत्र में एक बड़ी और आदर्श
गौशाला का निर्माण हो जो अन्य गौ-शालाओं के लिये प्रेरणा बनेगा।
यह कदम न केवल गौ-माता और धर्म की सच्ची सेवा होगा बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बनेगा ।
आपके इस निर्णय से मन्दिर की प्रतिष्ठा ओर श्रद्धालुओ का विश्वास और भी प्रगाढ़ होगा ।
इस धार्मिक,सांस्कृतिक और भावनात्मक दृष्टि से गंभीर एंव महत्वपुर्ण विषय पर आपका सहयोग और महनीय
कृपा से अपेक्षित है ।
भावपूर्वक
समस्त गौ-सेवक

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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