राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष उत्सव भव्य रूप से मनाया गया।
पो पॉपअयोध्या।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी 100 वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा पूर्ण कर शताब्दी वर्ष का शुभारंभ अयोध्या के राम कथा पार्क में विजयादशमी उत्सव के रूप में किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर संघ के स्थापना दिवस पर भव्य आयोजन हुआ, जिसमें हजारों स्वयंसेवकों के साथ संत-महात्मा, समाज बंधु एवं प्रमुख गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण, शस्त्र पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मुख्य अतिथि संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भगवान राम के चित्र के समक्ष पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।इस अवसर पर भगवान श्री ऋषभदेव जन्मभूमि दिगम्बर जैन तीर्थ के पीठाधीश पूज्य संत रविंद्र कीर्ति स्वामी ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि,राम मंदिर का निर्माण संघ के वर्षों के अथक प्रयासों का परिणाम है। संघ वैदिक एवं सनातन संस्कृति का प्रतीक है, जो ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के मार्ग पर चलता है।
दत्तात्रेय होसबाले जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा, विजयादशमी अधर्म पर धर्म की, असत्य पर सत्य की, और अन्याय पर न्याय की विजय का पर्व है। संघ ने बीते 100 वर्षों में समाज को संगठित कर एक ध्येय पथ पर आगे बढ़ाया है। आज देश के कोने-कोने में संघ की शाखाएं कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा, हिंदुत्व समन्वय का विचार है, जिसमें बुद्ध, जैन, सिख सभी का स्थान है। रामराज्य और हिंदू राष्ट्र अलग नहीं, बल्कि एक ही उद्देश्य के दो रूप हैं। संघ राष्ट्रभक्ति, सेवा और अनुशासन के मार्ग पर चलने वाले सेवाभावी हिंदुओं का निर्माण कर रहा है।
सरकार्यवाह ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा, “देश हमे बहुत कुछ देता है, अब समय है कि हम भी देश को कुछ दें। पंच परिवर्तन के विषयों को लेकर संघ शताब्दी वर्ष में समाज में नई चेतना का संचार करेगा।
कार्यक्रम के पश्चात पूर्ण गणवेश में पथ संचलन निकाला गया, जो राम कथा पार्क से प्रारंभ होकर तुलसी उद्यान और राम जन्मभूमि के मुख्य द्वार तक गया। घोष की ताल और वेद वाक्य ‘संगच्छध्वं संवदध्वं’ के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकता का परिचय दिया। मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर
अयोध्यावासियों ने उनका स्वागत किया।
इस कार्यक्रम में कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।
Author: Rainbow News Hindustan
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