भगवान विश्वकर्मा की जयंती धूमधाम से मनाई।

SHARE:

भगवान विश्वकर्मा की जयंती धूमधाम से मनाई।

अयोध्या

धर्म नगरी अयोध्या में नजर बाग मुहल्ले में भगवान श्री विश्वकर्मा की जयंती उमाशंकर गुप्ता की अध्यक्षता में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। परम्परा का निर्वाहन बिगत 41 वर्षों से वैदिक रीति रिवाज से सम्पादित हैं। भगवान श्री विश्वकर्मा की जयंती के उपलक्ष्य में प्रातः वेला में मंत्रोच्चार के मध्य भक्तों ने अपनी आस्था अर्पित की।तदुपरांत पूजार्चना के पश्चात आयोजकों द्वारा प्रसाद वितरण किया गया।
उमा शंकर गुप्ता ने बताया की विश्वकर्मा भगवान का जन्म भगवान ब्रह्मा के पुत्र के रूप में हुआ था। वह एक महान शिल्पकार और वास्तुकार थे, जिन्होंने स्वर्गलोक के लिए कई अद्भुत वस्तुओं का निर्माण किया था।
विश्वकर्मा भगवान ने भगवान इंद्र के लिए विमान, भगवान विष्णु के लिए सुदर्शन चक्र, और भगवान शिव के लिए त्रिशूल बनाया था। उन्होंने लक्ष्मी जी के लिए कमल और भगवान विष्णु के लिए शंख भी बनाया था।
विश्वकर्मा भगवान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह थी कि उन्होंने भगवान राम के लिए सोने की लंका बनाई थी। उन्होंने भगवान कृष्ण के लिए द्वारिका नगरी भी बनाई थी।
विश्वकर्मा भगवान की महिमा का वर्णन करने से हमें उनकी कृपा प्राप्त होती है और हमारे कार्यों में सफलता मिलती है। इसलिए, विश्वकर्मा पूजा के दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा करना और उनकी कथा सुनना चाहिए ।
इस अवसर पर मैनेजर कक्कू महाराज,
मंदिर महंत संतोष पांडे,अनीश शॉनीसुरेंद्र शिव रामजी रामबली रमेश विश्कर्मा आयोजित भण्डारे में उपस्थित श्रद्धालुओं को भोज प्रसाद भी वितरित किया गया।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

Leave a Comment