चित्तौड़गढ़ नरेन्द्र सेठिया
संचिन पायलट 48 वां जन्मदिवस श्री सांवरिया सेठ के दरबार में मनाया गया पायलट करीब श्री सांवलियाजी के मंदिर में 11.45 बजे पर मंदिर पहुंचे थें और श्री सांवलियाजी की चौखट पर मथा टेक कर पूजा अर्चना कि भगवान के माला एवं प्रसाद चढ़ाया गया सांवलियाजी सेठ का आशीर्वाद लिया साथ में रमा पायलट भी साथ में थी मंदिर के पुजारी ने चनामृत एवं तुलसी पत्र एंव श्री सांवलियाजी सेठ का उपरना व सांवलियासेठ की तस्वीर व प्रसाद भेट किया हजारो की संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच में सांवरिया सेठ के दर्शन किए मंदिर के चैयरमैन हजारीदास वैष्णाव व पूर्व अध्यक्ष भैरूलाल गुर्जर पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी ने मिलकर संचिन पायलेट को उपरना पहनाकर स्वागत किया गया व प्रसाद व श्री सांवलियाजी सेठ की तस्वीर भेट की साथ में हरीराम गाड़री आदि उपस्थित थें चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया स्थित सांवलिया सेठ दरबार में रविवार को सचिन पायलट के कार्यक्रम के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली। दरअसल, पायलट के साथ फोटो खिंचवाने की होड़ में कार्यकर्ताओं ने ऐसी धक्का-मुक्की की कि हालात पूरी तरह बिगड़ गए। अफरा-तफरी के बीच मीडिया प्रतिनिधियों तक को धक्का दे दिया गया और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भी कोई अनुशासन नजर नहीं आया। मंदिर मंडल अध्यक्ष के कक्ष में घुसने को लेकर कार्यकर्ताओं ने जबरन कोशिश की, जिसे रोकने के लिए पुलिसकर्मियों तक को धक्का-मुक्की करनी पड़ी। हालात इतने बिगड़े कि अंततः मंदिर बोर्ड चेयरमैन हजारीदास को खुद बीच में आकर व्यवस्था संभालनी पड़ी। गौरतलब है कि सचिन पायलट यहां अपना जन्मदिन मनाने पहुंचे थे, लेकिन उनकी मौजूदगी में कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। अशोक गहलोत खेमे का कोई भी बड़ा नेता इस कार्यक्रम में नहीं दिखाई दिया। वहीं, पायलट का संबोधन भी फीका साबित हुआ और किसी खास मुद्दे या ठोस संदेश की बजाय केवल शक्ति प्रदर्शन का रंग दिखा। पायलट के समर्थकों की अव्यवस्था और कार्यक्रम की बदइंतजामी ने यह साफ कर दिया कि कांग्रेस जहां सत्ता में आने का दावा कर रही है, वहीं पार्टी अंदरूनी कलह और गुटबाजी से बाहर नहीं निकल पा रही है। सांवलिया सेठ दरबार की पावन भूमि पर जिस अनुशासन और आस्था की मिसाल पेश होनी चाहिए थी, वहां केवल अफरा-तफरी और असंगठन का नजारा दिखा।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





