देव झूलनी एकादशी के अवसर पर निकली ठाकुर जी की भव्य रेवाड़ी शोभायात्रा।
घाणेराव,पाली
रियासत काल में कस्बे में निर्मित विष्णु अवतारों के मंदिरों से ठाकुरजी सजधज कर रेवड़ियों में विराजमान कर कई प्रकार के वाद्ययंत्रों की मंगल ध्वनी के साथ भव्य शोभायात्रा का आयोजन हुआ। रियासत काल की परंपरा के अनुसार सबसे आगे रावला की रेवाड़ी बाकी सत्रह रेवड़ियों की लंबी शोभायात्रा निकाली गई।
शोभायात्रा सूरजकुंड के पंच तीर्थ पहुंची जहां पर शोभायात्रा मेले में तब्दील हो गई। बाद में ठाकुरजी को लेकर सूरजकुंड की ऊंचाई से घंटे लगाकर ठाकुरजी को नहलाया गया। सूरज कुंड में घंटे लगाने की युवकों में होड लगी हुई थी। जिसे देखने के लिए लोगों का भारी हुजूम उमड़ा।

Author: Rainbow News Hindustan
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