रामनगरी में झूलनोत्सव : झूला धीरे से झुलाओ सुकुमारी सिया है।
संजय यादव,अयोध्या।
सावन माह में धार्मिक नगरी अयोध्या के करीब 6 हजार मंदिरों में शाम ढले सज रही हैं महफ़िलें युगल सरकार की सेवा में रमे भक्त
राम नगरी अयोध्या सिद्ध पीठ राम वल्लभा कुंज में झूला उत्सव शुरू हो गया है। यह उत्सव सावन के महीने में मनाया जाता है और अयोध्या के कई मंदिरों में आयोजित किया जाता है, जिसमें राम वल्लभा कुंज भी शामिल है। अधिकारी राजकुमार दास ने बताया
सावन के महीने में, विशेष रूप से श्रावण शुक्ल तृतीया से पूर्णिमा तक, अयोध्या में झूला उत्सव मनाया जाता है। इस उत्सव में, भगवान राम और सीता को चांदी या सोने के झूले पर विराजमान किया जाता है और भक्त उन्हें झूला झुलाते हैं। राम वल्लभा कुंज, जो अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में से एक है, इस उत्सव का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां, भगवान राम और सीता को झूले पर विराजमान करके भक्तों को दर्शन दिए जाते हैं।
यह उत्सव न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। इस दौरान, मंदिरों में भजन-कीर्तन, झांकी, और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे शहर भक्ति और उत्साह से सराबोर हो जाता है।
इस वर्ष, राम मंदिर में भी झूला उत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें रामलला को पहली बार चांदी के झूले पर विराजमान किया जाएगा। यह उत्सव 29 जुलाई से शुरू हो रहा है।
मुख्य बातें:
झूला उत्सव सावन के महीने में मनाया जाता है।
राम वल्लभा कुंज अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में से एक है जहां झूला उत्सव मनाया जाता है।
इस उत्सव में भगवान राम और सीता को झूले पर विराजमान किया जाता है।
यह उत्सव धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
इस वर्ष, राम मंदिर में भी झूला उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
Author: Rainbow News Hindustan
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