फेक्ट चैकिंग एवं फेक कन्ट्रोलिंग में प्रशासन विफल।

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फेक्ट चैकिंग एवं फेक कन्ट्रोलिंग में प्रशासन विफल ।
श्री सांवलिया जी मंडफिया के नाम पर गिरोह कर रहे निजी स्वार्थो की पूर्ति ।
नरेन्द्र सेठिया,भादसोड़ा,चित्तौड़।
क्षेत्र के प्रसिद्ध श्री सांवलिया जी मंडफिया की ख्याति जैसे जैसे बढ़ रही है वैसे वैसे विभिन्न प्रकार के फेक भी सोशल मीडिया में बढ़ रहे है और मंदिर मण्डल प्रशासक इन फेक की फैक्ट चैकिंग एवं कन्ट्रोलिंग पर पूर्णतः विफल नजर आ रहा है। दीगर बात यह है कि जब मंदिर मण्डल प्रशासक को कुछेक फेक की जानकारी भी मिली तो भी उन्होने कोई कारगर कदम नही उठाये।
श्रीसांवलिया जी की ख्याति में विगत कुछ वर्षो में काफी वृद्धि हुई है। इस ख्याति के चलते कुछ लोग या गिरोह अपने निजी स्वार्थो की सिद्धि करने में सक्रिय हो गये है। श्री साँवलिया सेठ दर्शन मडंफिया सहित श्री साँवरिया मंदिर आदि नामों से सोशल मीडिया पर अकाउण्ट बने हुए है जिन्होने अपने निजी स्वार्थ के लिए श्रद्धालुओं से अघोषित लूट मचा रखी है। इन अकाउण्ट्स पर यहां होने वाली सेवाओं में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का लालच दिया जाता है। इन अकाउण्ट्स पर एक स्कैनर के साथ तीन तरह की सेवाओं पोशाक विवरण, भोग विलास विवरण तथा अमावस्या महाप्रसाद का उल्लेख किया गया है। इन अकाउण्ट्स पर पोशाक व्यवहार में ही 1150, 650 तथा 400 रूपयें निर्धारित किये हुए है। भोग विलास विवरण में 1100, 4000 तथा 1100 रूपयें निर्धारित किये हुए है। अमावस्या महाप्रसाद विवरण में ब्रह्मभोज प्रसाद के पांच लाख रूपयें तक निर्धारित किये हुए है। जबकि इस तरह की व्यवस्था मंदिर मण्डल अपने स्तर पर ही करता है। भक्तालुओं से कोई सहयोग इस संदर्भ में नही लिया जाता है।
फेक कन्ट्रोलिंग में प्रशासक विफल
मंदिर मण्डल प्रशासक फेक कन्ट्रोलिंग एवं फैक्ट चैकिंग में विफल रहने के कारण ऐसे तत्वों के हौंसले बुलंद है और इसके चलते श्रद्धालु ठगे से रह जाते है। अभी कुछ समय पूर्व ही एक यू ट्यूब अकाउण्ट्स पर मंदिर में भगदड़ के फेक विडियों जानबूझकर वायरल किये गये थे। इसकी जानकारी जब मंदिर मण्डल के प्रशासन को दी गई तो उन्होने उक्त अकाउण्ट्स पर सख्त कार्यवाही करने के स्थान पर उक्त विडियों को डिलीट करवाने के लिए घण्टों बर्बाद करना उचित समझा। जबकि प्रशासक को करना यह चाहिए था कि उक्त अकाउण्ट्स के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाकर साईबर एक्सपर्ट की मदद से सम्बन्धित के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही अमल में लाई जानी चाहिए थी। प्रशासक की इस तरह की ढुलमुल नीति के चलते ही सोशल मीडिया पर कई तरह के गिरोह कुक्कुर मुत्ते की तरह सक्रिय हो चले है। प्राकृट्य स्थल पर भी मंदिर परिसर में व्यक्ति विशेष के स्कैनर लगे होने से श्रद्धालुओं की श्रद्धा के साथ छलावा हो रहा है।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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