आवास के लिए एक वृद्ध सहित दो अपंग खा रहे हैं दर दर की ठोकरे,
तीनों के पास नहीं है सर छुपाने की छत।
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पेंशन से ही करते हैं गुजर बसर, दोनों विकलांगों को खाद्य सुरक्षा के भी नहीं मिलते हैं गेहूं,,
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जगदीश शर्मा कोलर,पाली।
जहां सरकार सबको स्वयं का आवास देने की बात करती हैं, कोई भूखा नहीं सोए, ये राजस्थान सरकार के वादे सभी खोखले नजर आ रहे हैं, वहीं कोलर गांव में एक 90 वर्षीय वृद्ध गोवर्धन लाल ब्राह्मण व एक मानसिक अपंग रमेश कुमार ब्राह्मण एवं एक सुर्य प्रकाश ब्राह्मण जो दोनों हाथों व एक पैर से अपंग तो है ही, उसके साथ-साथ मानसिक विकलांग भी है, यह तीनों व्यक्ति एकल राशन कार्ड धारक है, ये प्रधानमंत्री आवास के तहत मकान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते काटते थक चुके हैं, इन तीनों के पास आज दिन तक रहने के लिए मकान नहीं है, साथ ही रमेश कुमार व सुर्य प्रकाश को तो खाद्य सुरक्षा से गेहूं भी नहीं मिलते है।
इन तीनों पीड़ितों ने अपनी आप बीती एक पत्रकार को बताई, पत्रकार से रूबरू होने पर गोवर्धन लाल ने बताया कि हम दफ्तरों के चक्कर काट काट के थक चुके हैं, कई बार कागज दे चुके हैं,अब इस बारिश में हम अपना सिर कहा छुपाए,
सूर्य प्रकाश उम्र 37 वर्ष एवं रमेश कुमार उम्र 45 वर्ष ये दोनों तो मानसिक व शारीरिक विकलांग होने के कारण अपनी आप बीती भी स्वयं नहीं बता सके, जब इनकी हकीकत गोवर्धन लाल ब्राह्मण व ग्रामीणों ने बताई तब ज्ञात हुआ कि इन दोनों को तो खाद्य सुरक्षा का लाभ भी नहीं मिल रहा है, इन तीनों के जीवन यापन का मुख्य जरिया एक मात्र पेंशन ही है। जिससे बड़ी मुश्किल से ये अपना गुजर बसर करते हैं।
ऐसे लोगों के लिए सरकार ग्राम विकास अधिकारी, सरपंच, वार्ड पंच द्वारा सर्वे करवाकर उन्हें पाबंद करें कि इस प्रकार के लोगों को आवासीय मकान, खाद्य सुरक्षा अन्य प्रकार की सुविधाएं मिलती रहे। ये तीनों यही सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कब तक सरकार व अधिकारी हमारी सुनेंगे।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





