राम जन्म भूमि में खुदाई में मिले पुरातत्व अवशेष को संरक्षित करने की प्रक्रिया हुई तेज।
संजय यादव,अयोध्या।
श्रीराम जन्मभूमि से प्राप्त हुये पुरावशेष को संरक्षित रखने की प्रक्रिया लगातार गतिशील है। श्रीराम कथा संग्रहालय और ट्रस्ट पदाधिकारी इस विषय पर गंभीर हैं कि ढांचा गिरने से पूर्व और उसके पश्चात श्रीराम जन्मभूमि में प्राप्त हुये महत्वपूर्ण पुरावशेषों को वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिये सुरक्षित रखना आवश्यक है। कुछ दिनों पूर्व परिसर में स्थित कुबेर टीला मार्ग निर्माण के दौरान कुछ ऐसे अवशेष प्राप्त हुये हैं जो एतिहासिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। अवशेष को देखकर यह लगता है कि यह सैकड़ों, हजारों वर्ष प्राचीन है। दो शेर और उसपर सवार आकृति देवी की प्रतीत हो रही है। श्रीराम जन्मभूमि पर जब से निर्माण कार्य प्रांरभ तभी से परिसर में तरह तरह के अवशेष मिलते आ रहे हैं।जिंहे अभी परिसर में ही रखकर संरक्षित किया जा रहा है।
*श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महामंत्री चम्पतराय इस विषय पर लगातार गंभीर हैं कि श्रीराम जन्मभूमि के सभी विषय चाहे वह न्यायालय के निर्णय से जुड़ी हुई न्यायायिक पांडुलीपि हों या फिर पूर्व और वर्तमान में प्राप्त पुरावशेष यह सभी वर्तमान और भविष्य की पीढियों के लिये संरक्षित और सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है।
Author: Rainbow News Hindustan
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