खेरोदा 765 केवी सब ग्रिड स्टेशन को हटाने को लेकर जिला कलेक्टरी में दिया ज्ञापन
कलेक्टर नहीं होने पर उदयपुर एस पी को दिया ज्ञापन
रामसर साइट मेनार कॉम्पलेक्स के नक्शे में है खेरोदा तालाब
फिर भी अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
सब ग्रिड से पर्यावरण एवं जल संरक्षण को है खतरा
उदयपुर फतह स्कूल से नारेबाजी के साथ पहुंचे जिला कलेक्टरी
नरेन्द्र सेठिया,चित्तौड़गढ़।
खेरोदा कस्बे के ग्रामीणों ने 765 केवी सब ग्रिड स्टेशन हटाने को लेकर मंगलवार सुबह खेरोदा गांधी चौक से रैली निकालकर उदयपुर जिला कलेक्टर ऑफिस में पहुंचे। खेरोदा से खेरोदा संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीण एवं महिलाएं टैक्टर बसे गाड़ी आदि वाहनों से सैकड़ों की तादाद में ज्ञापन देने उदयपुर पहुंचे। जहां उदयपुर फतह स्कूल के बाहर सभी वाहनों को रोक दिया गया उसके बाद में सभी जने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टर ऑफिस के यहां पहुंचे। जहां सभा का आयोजन कर 765 केवी सब ग्रिड का पुरजोर विरोध कर ज्ञापन दिया। ज्ञापन उदयपुर जिला कलेक्टर नहीं होने पर उदयपुर एसपी योगेश गोयल को ज्ञापन सौंपा। खेरोदा संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल एवं ग्रामीणों ने कहा कि 765 सब ग्रिड स्टेशन को खेरोदा ने नहीं लगने देंगे उसके लिए उग्र से उग्र आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड मेनार-खेरोदा कॉम्प्लेक्स के अधीन खेरोदा तालाब से सटी वेटलैंड आरक्षित चारागाह भूमि को पावरग्रिड कंपनी को आवंटन को निरस्त करने की मांग की। साथ ही हाल ही में राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित मेनार को वेटलैंड घोषित किया है। वेटलैंड के नक्शे में मेनार के दो तालाब एवं खेरोदा का तालाब भी बता रखा है। खेरोदा पंचायत द्वारा विगत कई वर्षों से तालाब में मछली निकालना व शिकार पर पूर्णयता प्रतिबंध लगाकर उक्त भूमि को पशु पक्षियों एवं मवेशियों के चरने के लिए आरक्षित कर रखा है। वही इसके अधीन आने वाले मेनार खेरोदा कॉम्पलेक्स में आने वाले खेरोदा तालाब की पाल से सटी हुई चारागाह भूमि को की वेटलैंड कॉम्प्लेक्स का ही भाग है एवं मेनार खेरोदा वेटलैंड कॉम्पलेक्स के अधीन आरक्षित भूमि है इसे पावरग्रिड इंडिया कंपनी को 765 केवी ग्रिड सब स्टेशन हेतु आवंटित कर दिया है जो कि वेटलैंड के नियमों के तहत पूर्णतया गलत है। ग्रिड स्टेशन लगाने से पर्यावरण एवं जल संरक्षण को भी हानि होकर खतरा है।
ग्रामीणों ने कई बार दिए अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधि को ज्ञापन –
खेरोदा कस्बे के ग्रामीण विगत 7 माह से सरकार द्वारा भूमि आवंटन किए जाने का कड़ा विरोध कर रहे है। वही समय समय पर इसका विरोध कर ज्ञापन भी दिए गए। जिसमे जिला कलेक्टर उदयपुर को 2 बार,उपखंड अधिकारी भिंडर,तहसीलदार भिंडर,स्थानीय विधायक उदयलाल डांगी,स्थानीय सांसद सीपी जोशी को भी कई बार ज्ञापन देकर विरोध किया। परन्तु इतने ज्ञापन देने के बावजूद भी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधि के कानों पर जू तक नहीं रेंगी है।
पटवारी द्वारा भेजी गई गलत रिपोर्ट –
खेरोदा ग्राम पंचायत के पटवारी द्वारा जमीन आवंटन को लेकर मौके की रिपोर्ट बना कर भेजी गई जिसमें बिल्कुल गलत तथ्य है जिस पर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। पटवारी द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में इस जमीन को ना तो खेरोदा तालाब का केचमेंट एरिया बताया ना ही राजपूतों के तालाब का केचमेंट एरिया दर्शाया गया। इस जमीन के जलदाय विभाग के 3 पानी के कुएं है जिससे पूरे खेरोदा गांव को पेयजल की सप्लाई होती है यह भी रिपोर्ट नहीं दर्शाया गया है और पास ही गोशाला,4 श्मशान स्थल, गार्डन,सार्वजनिक शौचालय भी नहीं दर्शाए गए है। इस भूमि पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत खेरोदा – मेनार संपर्क सड़क की दूरी को भी जानबूझकर अधिक दर्शाया गया है। राजपूतों का तालाब खेरोदा तालाब के पास ही स्थित है और पूर्ण बहाव क्षेत्र एवं दलदली है तथा वहां से मेनार वेटलैंड को दूरी मात्र 1 किमी है जिसको पटवारी द्वारा मौका पर्चा रिपोर्ट में पहले 1 किमी दर्शाया एवं बाद में ओवरराइटिंग कर 2 किमी कर दिया गया। इसी भूमि पर खेरोदा व राजपूतों के तालाब के मध्य 2 एनीकेट भी बने हुए है जिन्हें भी मौके पर्चा रिपोर्ट में नहीं दर्शाया गया है।
पटवारी द्वारा मौका पर्चा रिपोर्ट को ओवरराइटिंग करना एवं गलत रिपोर्ट बना कर देना यह दर्शाता है कि इसमें बड़े स्तर पर लापरवाही एवं भ्रष्टाचार कर इस जमीन को पावरग्रिड कंपनी को आवंटित किया है।
ग्रामीणों ने थानाधिकारी से ज्ञापन देकर मांग की है कि राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले मेनार – खेरोदा वेटलैंड कॉम्पलेक्स के अधीन आने वाले चारागाह जमीन को पावरग्रिड कंपनी के आवंटन को निरस्त कर एवं लापरवाही कर कर्मचारी द्वारा गलत रिपोर्ट पेश करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग है।
इससे पहले ग्रामीणों द्वारा गांधी चौक में बैठक कर सभी ग्रामीण एकत्रित होकर जुलूस के रूप में गांव में रैली निकाली एवं जोरदार नारेबाजी कर पुलिस थाने में पहुंच कर ज्ञापन दिया।
इनका कहना –
हम गांव से सैकड़ों की तादाद में उदयपुर जिला कलेक्टर ऑफिस में आए है जिसमें हमारी सबसे बड़ी मांग है कि 2003 में हमने खेरोदा तालाब से मछली निकालना एवं शिकार करने पर प्रतिबंध लगा रखा है एवं पटवारी द्वारा गलत जानकारी दी गई है जिसमें खेरोदा राजपूतों का तालाब,चार जलदाय विभाग के कुएं,श्मशान, गोशाला सहित कई चीजें नहीं बताई गई है।
रवि गर्ग
सरपंच प्रतिनिधि खेरोदा
एक तरफ तो सरकार ने उसी जमीन को पावरग्रिड वाले को दे दी है और दूसरी तरफ वही जमीन को रामसर के लिए भेज दिया। उसके एवज में 15किमी दूर नागलिया में जमीन आवंटन को है जहां पर चट्टानें है चारागाह के लिए कोई भूमि नहीं है। खेरोदा से नागलिया 10किमी दूर है जहां पर पशु कैसे चरने जाएंगे।
सुनील कूकड़ा खेरोदा
पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस
फोटो 01 उदयपुर जिला एसपी को ज्ञापन देते हुए
02 उदयपुर में सभा करते हुए
03 रैली के रूप में जाते हुवे
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





