व्यापारियों के हितों को ध्यान में नहीं रखा गया तो व्यापारी करेंगे आंदोलन का रुख, प्रशासन होगा जिम्मेदार।

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धर्मपथ चौड़ीकरण परियोजना से प्रभावित दुकानदारों ने पुनर्वास की उठी मांग।

व्यापारियों के हितों को ध्यान में नहीं रखा गया तो व्यापारी करेंगे आंदोलन का रुख, प्रशासन होगा जिम्मेदार।

दुकान के बदले दुकान पर ही व्यापारी देंगे अपनि सहमति।

संजय यादव,अयोध्या।

धर्मपथ चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रभावित हो रहे दुकानदारों ने शनिवार को एक प्रेसवार्ता आयोजित कर प्रशासन से वैकल्पिक पुनर्वास की मांग की। व्यापारियों ने अपनी चिंताओं को साझा करते हुए कहा कि वे विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं, लेकिन उनकी दुकानों के अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवाद का अभाव उन्हें चिंता में डाल रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि जिन दुकानों को हटाने की बात की जा रही है, वे वर्ष 2003 में अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत वैध रूप से खरीदी गई थीं। वर्तमान में, चौड़ीकरण के दौरान बिना लिखित सूचना के मौखिक रूप से हटाने का निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे व्यापारियों के बीच असमंजस और मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। प्रभावित दुकानदारों ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने 16 अप्रैल को उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल की थी। जिसमें न्यायालय ने यह निर्देश दिया है कि अधिग्रहण केवल नियमों के तहत या सहमति के आधार पर ही किया जाए।
व्यापारियों ने पुनर्वास के लिए कुछ वैकल्पिक स्थानों का सुझाव भी दिया। उनके अनुसार, धर्मपथ पर विकास प्राधिकरण की लगभग 100 फुट लंबी भूमि उपलब्ध है, जहाँ अस्थायी या स्थायी दुकानों का पुनर्निर्माण कर समायोजन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, संत तुलसीदास घाट रोड के निकट कुष्ठ आश्रम क्षेत्र तथा बंधा तिराहा से बिजली कार्यालय मार्ग पर भी शासकीय भूमि मौजूद है, जिसका उपयोग पुनर्वास हेतु किया जा सकता है। प्रेसवार्ता में व्यापारियों ने प्रशासन से अनुरोध किया कि विस्थापन से पहले स्पष्ट योजना, संवाद और उचित विकल्प उपलब्ध कराए जाएँ, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा और तनाव से बचा जा सके। उन्होंने यह भी अपेक्षा जताई कि शासन द्वारा पहले व्यक्त की गई मंशा—”दुकान के बदले दुकान”—को अमल में लाया जाए। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है l प्रभावित लोगों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए कार्य करे अन्यथा कुछ अहित होने पर प्रशासन जिम्मेदार होगा l

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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