अयोध्या में हिंदू नववर्ष पर होंगे कई कार्यक्रम।
धूमधाम से मनाई जाएगी राम नवमी।

संजय यादव रिपोर्टर अयोध्या
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 30 मार्च से विक्रमी संवत 2082 का शुभारम्भ होगा। पंचांगों के अनुसार हिंदी नववर्ष का शुभारम्भ इसी तिथि से होता है। अयोध्या सहित पूरे देश में इस पर्व को चैत्र नवरात्र या वासंतिक नवरात्र के रूप में भी मनाया जाता है। इस नवरात्र के अंत में नवमी तिथि राम नवमी के रूप में विख्यात है क्योंकि इस पर्व पर प्रभु श्रीराम का प्राकट्य हुआ था। वैष्णव नगरी अयोध्या में इस पर्व का बड़ा महत्व रहा है। इस पर्व को उत्सव का स्वरूप देने के लिए विक्रमादित्य महोत्सव समिति के माध्यम से विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम भी होते किन रहे हैं। इसी कड़ी में नवसंवत्सर की पूर्व
बावन मंदिर स्वर्गद्वार में विक्रमादित्य महोत्सव समिति की बैठक में शामिल संत व संघ परिवार समेत तीर्थ क्षेत्र के न्यासी।
संध्या पर यहां रामकोट की परिक्रमा भी दो दशकों से हो रही है। इस साल परिक्रमा को भव्यता स्वरूप दिया जा रहा है। इसी सिलसिले में बुधवार को बावन मंदिर स्वर्गद्वार में समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में समिति के पदाधिकारियों के अलावा विभिन्न मंदिरों के संत-महंतो के अलावा संघ परिवार के पदाधिकारी एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा अनिल मिश्र व मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राष भी शामिल हुए। तीर्थ क्षेत्र
बावन मंदिर महत वैदेही वल्लभशरण महाराज ने बताया कि हनुमानगढ़ी से संतों ने अखाड़े के निशान के साथ हनुमान जी की झांकी निकालने की जानकारी दी है। इसी तरह गोस्वामी तुलसीदास छावनी से महंत जनार्दन दास ने गोस्वामी जी की झांकी और तिवारी मंदिर से महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने महर्षि वशिष्ठ की झांकी निकालना स्वीकार किया है। बताया गया कि संत रविदास मंदिर से संत रैदास व बोबी मंदिर से संत गाडगे की झांकी भी निकाली जाएगी।
Author: Rainbow News Hindustan
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