चित्तौडगढ से नरेन्द्र सेठिया की रिपोर्ट
कोचिंग की आड़ में शिक्षा माफिया चित्तौड़गढ़ के कई नर्सिंग छात्रों को लगाया लाखों का चूना।
*छत्तीसगढ़ के फर्जी एडमिशन का खेल, फीस लेकर गायब हुआ कोचिंग संचालक, पीड़ित छात्र बोले- हमारा 3 साल बर्बाद हो गया*
चित्तौड़गढ़, पढ़-लिखकर नर्स बनने का सपना देखने वाले 100 से अधिक युवाओं के सपने चित्तौड़गढ़ के एक नामी कोचिंग संस्थान ने तोड़ दिए। मामला श्री बालाजी कोचिंग एंड कंसलटेंसी का है, जिस पर छात्रों ने संगठित ठगी का आरोप लगाते हुए जिला पुलिस अधीक्षक को कानूनी कार्यवाही के लिए ज्ञापन सौंपा है।
छात्रों को बताया गया कि उनका एडमिशन छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल से मान्यता प्राप्त बड़े कॉलेजों में हो गया है। इसके लिए उनसे 3 साल तक किश्तों में लाखों रुपये वसूले गए। छात्रों को लगा कि वे GNM की पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन हकीकत तब सामने आई जब परीक्षा का समय आया। कॉलेज ने साफ कह दिया – “आपकी फीस ही जमा नहीं है, आप हमारे छात्र ही नहीं हो।”
*दर्जनो परिवारों के सपने पर पानी*
पीड़ित छात्र कपिल, गौतम, आशा, हेमंत ने बताया कि वे पिछले 3 साल से कभी भीलवाड़ा तो कभी रायपुर के चक्कर काट रहे हैं। हर बार नया बहाना – “अगले महीने हो जाएगा।” अब कोचिंग संचालक प्रिंस जैन और अन्य संचालक कर्मचारी फोन उठाना बंद कर चुके है।
सबसे बड़ा सवाल – विद्यार्थियों का आरोप है कि इस पूरे खेल में एक सरकारी कर्मचारी प्रकाश रजक की क्या भूमिका है? आरोप है कि सांवरिया अस्पताल में बैठकर वह भोले-भाले ग्रामीण छात्रों को इस फर्जी कोचिंग में धकेलता था और संस्थान का संचालन करता था।
छात्रों की 3 मांग है कि तुरंत FIR दर्ज हो और प्रिंस जैन को गिरफ्तार किया जाए। उनकी फीस वापस दिलाई जाए या कॉलेज में जमा करवाकर परीक्षा दिलाई जाए। इस फर्जी कोचिंग की मान्यता रद्द कर इसके सभी ब्रांच सील किए जाएं।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे कलेक्ट्रेट के बाहर अनशन पर बैठेंगे।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432




