चितौडगढ से नरेन्द्र सेठिया की रिपोर्ट
वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूर्णाहुति के साथ आसावरा माता नवरात्रि मेले का समापन
भदेसर। भदेसर उपखंड क्षेत्र के प्रमुख शक्तिपीठ आसावरा माता मंदिर में नौ दिवसीय चैत्र नवरात्रि मेले का समापन सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान से हवन-पूजन और पूर्णाहुति के साथ श्रद्धा एवं भक्तिभाव से हुआ। हवन की आहुतियों के बीच गूंजते माता रानी के जयकारों से मंदिर परिसर धर्ममय हो उठा। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ नौ दिनों से चल रहे नवरात्रि महोत्सव का विधिवत समापन हुआ।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, नवरात्रि के अंतिम दिन सोमवार सुबह 10:15 बजे मंदिर परिसर में हवन-पूजन का शुभारंभ हुआ। मुख्य पंडित आशीष आचार्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यजमानों से विधि-विधानपूर्वक आहुतियां दिलवाईं। इसके पश्चात पूर्णाहुति के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, आस्था और भक्ति का माहौल बना रहा।
इस अवसर पर एकलिंग ट्रस्ट के मंदिर प्रबंधक भंवर सिंह शक्तावत, वरिष्ठ सुपरवाइजर अर्जुन सिंह राव, मंदिर समन्वयक नरेंद्र सिंह, मुख्य पुजारी मदन पुरी गोस्वामी, भोपा शांतीलाल भील, पंडित ओमप्रकाश मेनारिया, कैलाश मेनारिया एवं धनराज गाडरी सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
नवरात्रि में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, दर्शन के लिए लगीं कतारें
मेवाड़ के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल आसावरा माता शक्तिपीठ में नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। नौ दिनों तक मंदिर में माता रानी के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। विशेष रूप से शनिवार और रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और दर्शन के लिए लंबी कतारें लगीं। भक्तों ने माता के दरबार में शीश नवाकर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए भदेसर पुलिस के जवान दिन-रात मुस्तैद रहे। पुलिस की सतर्कता और मंदिर प्रबंधन की व्यवस्थाओं के बीच नौ दिवसीय नवरात्रि मेले का समापन शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। समापन अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास का वातावरण छाया रहा।
Author: Rainbow News Hindustan
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