सांवलिया दरबार में गूंजा वीर रस, कविताओं ने जगाया राष्ट्रप्रेम का जज्बा।

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चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया की रिपोर्ट

सांवलिया दरबार में गूंजा वीर रस, कविताओं ने जगाया राष्ट्रप्रेम का जज्बा।

मुकेश मोलवाने बोले- यह महाराणा प्रताप, भगत सिंह और सुभाष की धरती; युवाओं को देश-सनातन से जुड़ने का संदेश

भादसोड़ा चौराहें पर प्राकट्य स्थल सांवलिया जी मंदिर पर जलझूलनी एकादशी मेले का समापन देर रात तक चले कवि सम्मेलन के साथ हुआ। वीर रस, देशभक्ति, हास्य और लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने पंडाल में ऐसा माहौल बनाया कि देर रात तक तालियों की गूंज सुनाई देती रही। कवियों ने रचनाओं के जरिए युवाओं को राष्ट्रप्रेम, संस्कृति और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया।
कवि मुकेश मोलवाने ने वीर रस की कविताओं से माहौल में जोश भरते हुए कहा- यह अगस्त्य ऋषि, महाराणा प्रताप और चेतक की धरती है। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह का उल्लेख करते हुए युवाओं को देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। ‘कॉकरोच पार्टी’ का जिक्र करते हुए उन्होंने देश के नैरेटिव को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अधिकारों के लिए लड़ना गलत नहीं, लेकिन देश और सनातन के विरोध में नारेबाजी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। दुनिया बारूद के ढेर पर बैठी है, ऐसे समय में सांवलिया सेठ के दरबार से शांति का संदेश मिलता है।
कवि मनीष सुखवाल ने पद्मिनियों के बलिदान पर कविता सुनाई। कानू पंडित ने ‘यमुना में कालिया के फन पर नाचन को लगे…’ की प्रस्तुति दी। ‘चालो गजानंद जोशीड़ा रे चाला’ और ‘कोठारी गाड़ी पर नौबत बाजे’ जैसे लोकगीतों पर भी खूब तालियां बजीं।
बाबू बंजारा ने चूड़ियों और मेले से जुड़ी हास्य रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। पंडित सुनील व्यास की ‘गांव को गांव रहने दो, क्यों शहर बनना चाहते हो’ कविता को सराहा गया। कवयित्री सपना सोनी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मंच संचालन दीपक पारीक ने किया। उनकी कविता ‘मेरा भारत भटक रहा है मोबाइल की गलियों में’ भी श्रोताओं को खूब पसंद आई।
मंदिर मंडल उपाध्यक्ष बाबूलाल ओझा, शंकरलाल जाट, कोषाध्यक्ष अशोक अग्रवाल और प्राचीन सांवलिया जी मंदिर अध्यक्ष गोपाल सिंह तंवर आदि ने कवियों का सम्मान किया। भाजपा जिला अध्यक्ष रतनलाल गाडरी, कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संचालन रमेश चंडालिया ने किया। देर रात कवि सम्मेलन के साथ मेले के समापन की घोषणा हुई।
हेडिंग का एक और ज्यादा दमदार विकल्प:
सांवलिया के दरबार से युवाओं को राष्ट्रप्रेम का संदेश, वीर रस की कविताओं पर देर रात तक गूंजती रहीं तालियां

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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