चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया की रिपोर्ट
चित्तौडगढ जिले में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां और राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंच गई हैं। जिले के 7 निकायों के कुल 250 वार्डों का पुनर्गठन और आरक्षण की स्थिति स्पष्ट करने के लिए को बहुप्रतीक्षित लॉटरी प्रक्रिया पूरी की गई।
वीओं-इस लॉटरी के बाद स्पष्ट हो गया है कि इस बार जिले के निकायों में कम से कम 83 महिला पार्षद चुनकर आएंगी, क्योंकि हर श्रेणी में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की गई है। लॉटरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ मंजू ने प्रक्रिया शुरू होने से पहले उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और आम जन को नियमों की विस्तृत जानकारी दी। लॉटरी निकालने का काम पूरी तरह निष्पक्ष रखने के लिए छोटे बच्चों का सहयोग लिया गया, जिन्होंने एक-एक कर पर्चियां निकालीं। जैसे ही अंतिम क्रम में चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के वार्डों की लॉटरी की घोषणा हुई, वहां मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने पूरे उत्साह के साथ सांवरा सेठ के जयकारे लगाए, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय और उत्साही हो गया। शहर के प्रथम नागरिक यानि सभापति का पद अनारक्षित हुआ है। इसके लिए लॉटरी 13 अगस्त को ही निकाली जा चुकी थी, जिसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में दावेदारों की लामबंदी शुरू हो चुकी है। 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होने से इस बार 83 वार्डों की कमान महिला जनप्रतिनिधियों के हाथों में होगी, जिससे स्थानीय शासन में महिलाओं की भागीदारी और मजबूत होगी। लॉटरी प्रक्रिया पूरी होते ही जिले के सभी 7 निकायों में चुनावी समीकरण बदलने लगे हैं। जो वार्ड अब तक सामान्य थे, वे आरक्षित होने से कई दिग्गजों के समीकरण बिगड़े हैं, वहीं कई नए चेहरों और महिला प्रत्याशियों के लिए राजनीति के दरवाजे खुल गए हैं।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432
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