गौहत्या प्रतिबंध व गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने के लिए हिंदू समाज में जागृति।

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चित्तौडगढ से नरेन्द्र सेठिया की रिपोर्ट

चित्तौड़गढ़। गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत चित्तौड़गढ़ जिले के गोभक्तों ने 7 लाख से अधिक हस्ताक्षर कर सरकार से स्पष्ट आग्रह किया कि गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए तथा गौ माता को
राष्ट्रमाता का सम्मान दिया जाए।

जिला संयोजक गौरव सोमानी ने बताया कि लगभग 15 से 20 हजार गोभक्त जिले के विभिन्न क्षेत्रों से इंदिरा गांधी स्टेडियम, चित्तौड़गढ़ में एकत्रित हुए।

कार्यक्रम में वैदिक परंपरा के अनुसार अनेक बटुकों एवं संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। जोगणिया माता ट्रस्ट से 108 से अधिक बटुक, अलख वेद गुरुकुल (राशमी) से लगभग 80 बटुक, कल्लाजी वेद पीठ से 108 बटुक तथा मूंगाना धाम से 30 बटुक सहित  विभिन्न संस्थाओं के संत एवं आचार्य उपस्थित रहे। 8:00 बजे से 10:00 तक विजय मंत्र का जाप किया गया। गायत्री शक्तिपीठ द्वारा सभी साथियों ने भी सहयोग किया। सभी भारतीय वेशभूषा में परंपरागत रूप में उपस्थित रहे। आरंभ में डॉ सुशीला लड्ढा ने गो वंदना प्रस्तुत की।जप करने के पश्चात सभी संतो के द्वारा आशीर्वचनों से हजारों हजार गो भक्तों का उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ सुशीला लड्ढा, डॉ रेनू सोमानी और लीला खंगाल ने किया। जुलूस और पदयात्रा के पहले जिला संयोजक गौरव सोमानी द्वारा सभी को  गौ रक्षा का संकल्प दिलाया गया । जिस प्रकार आज हमने हमारी सामूहिक उपस्थिति से एकता को सन्देश दिया है। उसी प्रकार आगे भी जरूरत पड़ने पर आगे भी जरूरत पड़ने पर करें डे।गो सम्मान आह्वान अभियान के साथ सभी खड़े रहेंगे 

इस अवसर पर संत दिग्विजयराम जी महाराज (रामद्वारा, चित्तौड़गढ़), श्री 1008 अनुज दास जी महाराज (मूंगाना धाम), आचार्य सुदर्शनाचार्य जी महाराज, आचार्य गो हितेश जी, श्री जोगणियां माता शक्तिपीठ वेद विद्यालय आचार्य श्री नारायण लाल शर्मा संत राधेश्याम जी सुखवाल (श्री राम गौशाला), कैलाश जी मूंदड़ा (कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय), आचार्य कर्मवीर जी सहित जिले भर से अनेक संत-महात्माओं ने सहभागिता कर गौ सम्मान का संदेश दिया।

जिला संयोजक गौरव सोमानी ने बताया कि जिले की प्रत्येक तहसील एवं पंचायत से आए गोभक्तों ने सामूहिक संकल्प लिया कि जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान नहीं मिल जाता, तब तक गो सम्मान आह्वान अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुँचाते रहेंगे।

कार्यक्रम के दौरान जब मंच पर संतों का सम्मान पुष्पमाला एवं दुपट्टा पहनाकर किया जाने लगा, तब सभी संतों ने विनम्रतापूर्वक सम्मान स्वीकार करने से इंकार करते हुए एक स्वर में कहा—

“जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान प्राप्त नहीं हो जाता और ऐगौ माता का उचित सम्मान सुनिश्चित नहीं होता, तब तक हम अपना व्यक्तिगत सम्मान स्वीकार नहीं करेंगे।”
संतों के इस संकल्प ने उपस्थित हजारों गोभक्तों में भावनात्मक ऊर्जा का संचार किया और पूरा वातावरण “गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दो” के उद्घोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम के पश्चात सभी गोभक्तों ने शांतिपूर्वक विशाल जनसमूह के साथ जिला प्रशासन को प्रार्थना-पत्र सौंपकर अपनी जनभावनाओं से अवगत कराया। इसके बाद सभी उपस्थित जनों ने सामूहिक भोजन ग्रहण किया। पूरा कार्यक्रम अनुशासित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान प्राप्त नहीं हो जाता और गौ माता का उचित सम्मान सुनिश्चित नहीं होता, तब तक हम अपना व्यक्तिगत सम्मान स्वीकार नहीं करेंगे।
संतों के इस संकल्प ने उपस्थित हजारों गोभक्तों में भावनात्मक ऊर्जा का संचार किया और पूरा वातावरण “गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दो” के उद्घोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम के पश्चात सभी गोभक्तों ने शांतिपूर्वक विशाल जनसमूह के साथ जिला प्रशासन को प्रार्थना-पत्र सौंपकर अपनी जनभावनाओं से अवगत कराया। इसके बाद सभी उपस्थित जनों ने सामूहिक भोजन ग्रहण किया। पूरा कार्यक्रम अनुशासित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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