अयोध्या के श्रद्धालुओं को हुआ त्रेतायुग का साक्षात अनुभव।

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रामायण के स्वर्णिम अध्यायों से रूबरू करा रहा वैक्स म्यूजियम, श्रद्धालुओं को हुआ त्रेतायुग का साक्षात अनुभव

अयोध्या। प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में अब श्रद्धालु और पर्यटक रामायण के अमर प्रसंगों को केवल पढ़ या सुन ही नहीं, बल्कि उन्हें सजीव रूप में देख और महसूस भी कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लोकार्पित रामायण वैक्स म्यूजियम उद्घाटन के साथ ही लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। परिक्रमा पथ पर विकसित इस अत्याधुनिक संग्रहालय में रामायण काल के प्रमुख घटनाक्रमों को मोम की जीवंत प्रतिमाओं के माध्यम से इस प्रकार प्रस्तुत किया गया है कि दर्शकों को त्रेतायुग का साक्षात अनुभव होने लगता है। पहले ही दिन यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ उमड़ी।संग्रहालय के संस्थापक एवं प्रसिद्ध वैक्स शिल्पकार सुनील कंडल्लूर ने बताया कि अयोध्या का यह रामायण वैक्स म्यूजियम उनकी स्वप्न परियोजना है। उन्होंने कहा कि देश का सबसे बड़ा रामायण वैक्स म्यूजियम बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जहां कुल 200 मोम प्रतिमाएं स्थापित करने की योजना है। वर्तमान में यहां लगभग 40 प्रतिमाएं प्रदर्शित की गई हैं, जबकि भविष्य में रामायण के और भी प्रसंगों को शामिल किया जाएगा।उन्होंने बताया कि सुनील्स वैक्स म्यूजियम की शुरुआत वर्ष 2005 में कन्याकुमारी से हुई थी। इसके बाद वर्ष 2010 में लोनावला में दूसरी शाखा स्थापित की गई, जहां वर्तमान में करीब 100 मोम प्रतिमाएं प्रदर्शित हैं। बाद में तिरुवनंतपुरम में भी वैक्स म्यूजियम की स्थापना की गई।
वर्ष 2001 से वैक्स मॉडलिंग के क्षेत्र में सक्रिय सुनील कंडल्लूर अब तक 400 से अधिक मोम प्रतिमाओं का निर्माण कर चुके हैं। स्व-शिक्षित कलाकार के रूप में उन्होंने भारत में वैक्स मॉडलिंग को नई पहचान दिलाई है। अयोध्या का यह संग्रहालय न केवल रामायण के गौरवशाली प्रसंगों को जीवंत करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति और आदर्शों से जोड़ने का भी माध्यम बनेगा।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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