परमहंस महाविद्यालय में अंबेडकर जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन।
अयोध्या –
श्री परमहंस शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय अयोध्या में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता प्रो. आर.आर. यादव ने अंबेडकर के विचारों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा संबंधी दृष्टिकोण को रेखांकित किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि अंबेडकर किसी एक जाति या वर्ग के नहीं, बल्कि संपूर्ण शोषित, दलित और वंचित समाज के मसीहा थे। उन्होंने कहा कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार मिलना चाहिए और जाति, धर्म, वर्ग व लिंग के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए अंबेडकर के प्रसिद्ध कथन—“शिक्षा शेरनी का वह दूध है, जो जितना पिएगा, वह उतना ही दहाड़ेगा”—का उल्लेख किया और सभी को शिक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. जिलाजीत दुबे ने किया। इस दौरान महाविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर अमरजीत पांडे सहित डॉ. सुधांशु त्रिपाठी, डॉ. मोनिका परमार, डॉ. अजय यादव, डॉ. रतीराम, डॉ. जुल्फिकार हैदर, रूबी पांडे, इंद्र कुमार सिंह, अवध नारायण पाठक राम भजन वर्मा एवं कुंज बिहारी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
Author: Rainbow News Hindustan
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