चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया
संस्कार युक्त शिक्षा नयी युवा पीढ़ी के लिए आवश्यक:- प्रो अजात शत्रु शिवरती।
मेवाड़ विश्वविद्यालय, चित्तोड़ द्वारा 3-4 अप्रेल क़ो
आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी विषय :- *ग्रामीण विकास और सतत आजीविका के लिए पारंपरिक ज्ञान, हरित अर्थव्यवस्था और उद्यमिता के अवसर* पर विशिष्ट अतिथि व् तकनिकी सत्र कि अध्यक्षता करते हुए इतिहासकार व् ग्लोबल हिस्ट्री फोरम के संस्थापक महासचिव,प्रो अजात शत्रु ने कहा कि आज कि नई शिक्षा नीति युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्वरुप व् सँस्कारित होंगी |
आज के भौतिकवादी और तकनीकी युग में संस्कार शिक्षा (मूल्य-आधारित शिक्षा) अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह केवल किताबी ज्ञान न देकर विनम्रता, ईमानदारी, सहानुभूति और अनुशासन जैसे मानवीय गुण विकसित करती है। यह बच्चों को सही-गलत में अंतर करना सिखाती है, जिससे वे नैतिक रूप से मजबूत बनते हैं और समाज में बढ़ते अपराधों व स्वार्थ को कम किया जा सकता है।
संस्कार युक्त शिक्षा ही 2047 के भारत को विश्वगुरु बनाने में सक्षम है। यह बच्चों को एक अच्छा इंसान बनाने की प्रक्रिया है, जो उन्हें मानसिक रूप से संतुलित और अनुशासित बनाती है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सिदार्थ राजहंस (यू. एन. पालिसी एडवाइजर, भारत सरकार )
अध्यक्षता गोविन्दलाल गदिया ( चेयरपर्सन, मेवाड़ विश्वविद्यालय )
प्रो अलोक मिश्रा ( कुलपति, मेवाड़ विश्वविद्यालय )
प्रेम कुमार (( मास्क मीडिया हेड, भारत सरकार )
विशिष्ट अतिथि प्रो हनुमान प्रसाद (डीन,मैनेजमेंट, एम. एल. एस. यू. विश्वविद्यालय )
(एम. एल. एस. यू. विश्वविद्यालय
प्रो जीवन सिंह खरकवाल (निदेशक, साहित्य संस्था )
प्रो जी. एल. मेनारिया ( वरिष्ठ इतिहासकार )
डॉ हेमेंद्र सारंगदेवत ( आयोजन सचिव )
प्रो एम. एल. मांडोत ( शिक्षाविद )
डॉ राम सिंह राठौड़ ( इतिहासकार )
डॉ सुरेन्द्र चौहान ( इतिहासकार )
आदि मौजूद थे |
डॉ अजात शत्रु सिंह शिवरती
संस्थापक महासचिव, ग्लोबल हिस्ट्री फोरम
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





