सारंगवास के लोक देवता श्री सोनाणा खेतलाजी की लखी मेला 19 से,दुल्हन की तरह सजा बाबा का धाम।

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पश्चिमी राजस्थान के प्रसिद्ध लोक देवता श्री सोनाणा खेतलाजी सारंगवास में 19 और 20 मार्च को 52 वा वार्षिक मेला भरेगा। मेले की तैयारिया जोर शोर से चलाई जा रही है।

मेले से पहले मंदिर परिसर की सारी इमारतो को आकर्षक रोशनी,तोरण द्वार,मंडप इत्यादि से दुल्हन की तरह सजाया गया है। रात्री में दूध धवल रोशनी से जगमगाता तीर्थ स्थल दूर-दराज के गांवों से इंद्रलोक की भाती सुशोभित हो रहा है। जिससे श्रद्धालुओं में भारी उत्साह व उमंग है।

मंदिर की पहाड़ी पर स्थापित 54 फीट ऊंची काला और गोरा भैरूजी की विशाल प्रतिमाएं भी रोशनी से जगमगा रही हैं। ये प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। बताया जाता है कि राणावास निवासी एक उपासक ने स्वप्न में सोनाणा खेतलाजी और सारंगवास की पहाड़ी पर इन प्रतिमाओं को देखा था। इसके बाद करीब छह वर्ष पहले इनका निर्माण करवाया गया।

तीर्थधाम में सर्पाकार प्राकृतिक चट्टान के नीचे लोक देवता सोनाणा खेतलाजी का अतिप्राचीन मंदिर व प्रतिमाएं स्थापित है। मेले में देश-प्रदेश के विभिन्न भूभाग से लाखों श्रद्धालु लोकदेवता खेतलाजी के चौखट पर पहुंचते हैं।

कालांतर से मान्यता है कि यहां दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। निसंतान दंपत्तियों को संतान सुख की प्राप्ति होता है। यहां जड़ोलिया (बाल) उतारने और जात देने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। श्रद्धालु विवाह, संतान प्राप्ति और अन्य मनोकामनाएं पूर्ण होने पर ख़ेतलबाबा की चौखट पर सर झुकने आते हैं और मंदिर की आरती में शामिल होकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

मंदिर में चूरमा मुख्य प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। प्रसाद भगवान को अर्पित करने के बाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है। मान्यता है कि प्रसाद को मंदिर परिसर के भीतर ही ग्रहण करना चाहिए और इसे बाहर नहीं ले जाया जाता।

मेले के अवसर पर कई श्रद्धालु 200 किलोमीटर तक नंगे पैर व लौटते हुए पदयात्रा कर संघ के रूप में मंदिर पहुंचते हैं। कुछ श्रद्धालु कई दिन की कठिन यात्रा कर खेतलाजी के दर्शन करते हैं।

इस दौरान हर वर्ष तमिलनाडु के चेन्नई, कोयंबटूर और होसुर से एक श्रद्धालु करीब 2500 किलोमीटर की साइकिल यात्रा कर यहां पहुंचता है, जिसे पूरा करने में लगभग एक माह का समय लगता है

लोक देवता के लखी मेले को लेकर ट्रस्ट अध्यक्ष भगाराम चौधरी, सचिव महेश सिंह चारण, कोषाध्यक्ष मूलाराम मेघवाल, उपाध्यक्ष रताराम, सहसचिव अशोकसिंह राजपुरोहित, सहकोषाध्यक्ष दिनेश लोहार सहित सदस्य छतर सिंह सोलंकी, खरताराम चौधरी, मांगीलाल चौधरी,रामलाल प्रजापत,कमलेश सोनी, खरताराम ख़रतराम मेघवाल, रताराम चौधरी, दिनेश आदिवाल व रमेश चौधरी सहित सभी सदस्य व ट्रस्ट कर्मचारी सक्रिय रूप से तैयारियों में जुटे हुए हैं।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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