चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया
एंकर महिला दिवस पर चित्तौड़गढ़ में स्नेह मिलन: रंगों, संस्कारों और सनातन परंपरा के संग महिलाओं ने मनाई उत्सवधर्मी होली
चित्तौड़गढ़।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर चित्तौड़गढ़ जिला महिला अधिवक्ता एवं महिला न्यायिक कार्मिक मित्र मंडल द्वारा रविवार को रितुराज वाटिका में स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक होली उत्सव को सनातन संस्कारों और भक्ति भाव के साथ मनाते हुए ठाकुर जी को अबीर-गुलाल अर्पित किया तथा फूलों की होली खेलकर वातावरण को आध्यात्मिक और उल्लासपूर्ण बना दिया। भक्ति संगीत की मधुर धुनों पर सामूहिक नृत्य और भजन-कीर्तन के माध्यम से महिलाओं ने भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
कार्यक्रम में उपस्थित न्यायिक कार्मिक बिंदु पाण्डिया ने कहा कि सनातन संस्कृति में तीज-त्योहार और पारिवारिक संस्कार जीवन की धुरी हैं और इन्हें जीवित रखने में नारी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी को सृजन और संस्कार की प्रतीक माना गया है। नारी के बिना नारायण की सत्ता अधूरी है और सीता के बिना राम की मर्यादा भी पूर्ण नहीं मानी जा सकती। समाज में नारी ही वह शक्ति है जो अपने पीहर और ससुराल दोनों परिवारों को प्रेम, परंपरा और संस्कारों के सूत्र में बांधकर अगली पीढ़ी तक हमारी सांस्कृतिक धरोहर पहुंचाती है।
अधिवक्ता राखी राव ने बताया कि अधिवक्ता और न्यायिक कार्मिक के रूप में व्यस्त दिनचर्या के कारण महिलाओं को स्वयं के लिए समय निकालना कठिन हो जाता है। ऐसे में महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह स्नेह मिलन कार्यक्रम सभी महिलाओं के लिए नई ऊर्जा और आत्मीयता का अवसर बना। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल पारंपरिक त्योहारों को जीवित रखते हैं, बल्कि महिलाओं के बीच आपसी सहयोग, स्नेह और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करते हैं।
कार्यक्रम में महिलाओं ने ठाकुर जी के भजनों पर सामूहिक नृत्य किया, अबीर-गुलाल अर्पित कर रंगों की होली खेली तथा पुष्प वर्षा के साथ भक्ति भाव से भगवान को रिझाया। पूरा वातावरण श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक सौहार्द से सराबोर रहा।
प्राध्यापिका रेखा वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा कि आज की महिला को परंपरा और आधुनिकता के संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपनी व्यक्तिगत पहचान बनाएं, आत्मनिर्भर बनें और अपने ज्ञान, संस्कार तथा कर्म से समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति के सामाजिक, धार्मिक और पारिवारिक महत्व को रेखांकित करना तथा सनातन संस्कृति के तीज-त्योहारों को जीवंत बनाए रखना रहा। उत्साह और संस्कारों से भरे इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने और आगे बढ़ाने में नारी शक्ति का योगदान सदैव केंद्रीय और प्रेरणादायी रहा है।
महिला मित्र मंडल में बिंदु पाण्डिया, राखी राव, कृष्णा सिन्हा, रेखा वैष्णव, चंदा सुथार, प्रीति सुखवाल, वैशाली अहीर, मोनिका जैन, भारती गेहलोत, सोनू तिवारी, श्रेया राठौड़, सुनीता बुनकर, तारा राव, गुड्डी कुमावत, साक्षी, पुष्पा, उषा, आंचल, ज्योति, खुशबू भटनागर, वंदना सहित लगभग पचास महिलाओं ने मिलकर कार्यक्रम को होली के रंगों से सराबोर कर महिला दिवस को यादगार बना दिया। रेखा वैष्णव की बाईट
Author: Rainbow News Hindustan
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