केंद्रीय बजट 2026 को लेकर कही खुशी कही गम
अयोध्या –
केंद्रीय बजट को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में खुशी और नाराजगी दोनों दिखाई दी है। पूर्व पार्षद व अधिवक्ता आलोक कुमार सिंह ने बजट का स्वागत करते हुए कहा बजट में न केवल आर्थिक प्रगति पर बल दिया गया है, बल्कि न्याय व्यवस्था, विधिक ढांचे और संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की भावना भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। अधिवक्ता विवेक कुमार सिंह ने बजट को लेकर कहा कि वर्ष 2026 का केंद्रीय बजट देश के समग्र विकास की दिशा में एक संतुलित, दूरदर्शी और समावेशी प्रयास के रूप में सामने आया है।
अधिवक्ता संघ अयोध्या से महामंत्री प्रत्याशी रहे अधिवक्ता योगेंद्र प्रसाद पाण्डेय ने कहा अधिवक्ता समाज बजट में विधिक शिक्षा और प्रशिक्षण को प्रोत्साहन दिए जाने की पहल की भी सराहना करता है।
अयोध्या के व्यापारी सुनील कुमार पाण्डेय ने कहा कि बजट को लेकर देश के व्यापारियों में निराशा है। व्यापारियों को उम्मीद थी कि इस बजट में जीएसटी की जटिलताओं को कम किया जाएगा, छोटे और मध्यम व्यापार के लिए कर राहत मिलेगी तथा महंगाई पर नियंत्रण के ठोस उपाय होंगे। लेकिन बजट में ऐसी कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई जिससे व्यापार को सीधा लाभ मिल सके। व्यापारी दीपक यादव ने बजट पर निराशा दिखाई और कहा बढ़ती लागत, घटती मांग और सख्त कर नियमों के बीच व्यापारियों को राहत की आवश्यकता थी।
कांग्रेस नेता राजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह बजट ऐसे समय में पेश किया गया है जब देश महंगाई, बेरोज़गारी और आर्थिक असमानता जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, लेकिन इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस और दूरदर्शी कदम दिखाई नहीं देते।
महिलाओं में बजट को लेकर निराशा दिखी।सुशीला पाण्डेय ने कहा सबसे बड़ी चिंता बढ़ती महंगाई को लेकर है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं और महिलाओं को लेकर बजट में कोई राहत नहीं है।
सपा नेता दान बहादुर सिंह ने बजट पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि बजट में कृषि क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने और उन्हें बाज़ार में बेहतर मूल्य दिलाने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं का अभाव है।
Author: Rainbow News Hindustan
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