विकसित भारत–जी राम जी’ से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा, आत्मनिर्भरता बनेगी आधार: जिला प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी

SHARE:

विकसित भारत–जी राम जी’ से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा, आत्मनिर्भरता बनेगी आधार: जिला प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी

*गोविंदपुरा में रात्रि चौपाल व जनसुनवाई आयोजित, ग्रामीणों को योजना के उद्देश्यों और प्रावधानों की दी विस्तृत जानकारी*

झालावाड़।

ग्रामीण विकास, पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के राज्य मंत्री एवं झालावाड़ जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओटाराम देवासी ने कहा कि ‘विकसित भारत–जी राम जी योजना’ ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में निर्णायक परिवर्तन लाने वाली योजना है। यह पहल केवल अस्थायी रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में स्थायी आजीविका और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रभारी मंत्री सोमवार को गोविंदपुरा ग्राम पंचायत में आयोजित जनसुनवाई एवं रात्रि चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को योजना के विभिन्न पहलुओं और लाभों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि ‘विकसित भारत–जी राम जी योजना’ को विकसित भारत–2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीब, किसान और श्रमिक वर्ग को केंद्र में रखते हुए महात्मा गांधी नरेगा को नए स्वरूप और बेहतर प्रावधानों के साथ आगे बढ़ाया है।

श्री देवासी ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य नरेगा में व्याप्त कमियों को दूर करना, पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और राज्यों के सहयोग से व्यवस्था का पूर्ण डिजिटलीकरण करना है। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों को अपनी जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं तैयार करने का अधिकार दिया जाएगा तथा ग्राम सभाओं को अधिक सशक्त बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर निर्णय प्रक्रिया मजबूत हो सके।

*साल में 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार*

उन्होंने बताया कि योजना के तहत श्रमिकों को साल में 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। मजदूरी का भुगतान अधिकतम 15 दिनों के भीतर सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में किया जाएगा। यदि किसी कारणवश भुगतान में विलंब होता है, तो मजदूरों को ब्याज सहित राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत फसल की बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिन का विशेष समय रखा गया है। इस दौरान योजनांतर्गत काम बंद कर दिया जाएगा।

इसके अलावा एक नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किया जाएगा, जो काम की मांग, भुगतान की जानकारी और श्रमिक अधिकारों का प्रमाणिक दस्तावेज होगा। योजना में कौशल विकास को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिससे ग्रामीण युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें।

*रात्रि चौपाल में सुनी जनसमस्याएं*

गोविंदपुरा में आयोजित रात्रि चौपाल एवं जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने नाला निर्माण, पीएम किसान सम्मान निधि, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण तथा सिलिकोसिस से पीड़ित श्रमिकों को चिकित्सा सहायता से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए। प्रभारी मंत्री ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। विशेष रूप से सिलिकोसिस पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सुविधा और सहायता उपलब्ध कराने, किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ सुनिश्चित करने, पेयजल व्यवस्था को सुचारु करने तथा नाला व सड़क निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों द्वारा प्रभारी मंत्री श्री ओटाराम देवासी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को आबादी भूमि के पट्टों का वितरण भी किया गया।

इस मोके पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनुराग भार्गव, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभु दयाल मीणा, उपखण्ड अधिकारी अभिषेक चारण, तहसीलदार नरेन्द्र मीणा, पूर्व प्रधान भावना झाला सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवम जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

Leave a Comment