विवेकानंद के सपनों का भारत बनाएं -माली

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विवेकानंद के सपनों का भारत बनाएं -माली
सादड़ी,पाली।

विवेकानंद ने युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा स्तंभ माना और कहा था कि युवा वह शक्ति है जो असंभव को संभव में बदल सकती है। अतः हम विवेकानंद के सपनों का भारत बनाएं। उक्त उद्गार अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी देसूरी विजयसिह माली ने स्थानीय देवीचंद मयाचंद बोरलाई वाला राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सादड़ी में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत राष्ट्रीय युवा दिवस व विवेकानंद जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।
माली ने कहा कि विवेकानंद के विचार आज भी हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। विवेकानंद ने भारत को बचपन का झूला, यौवन की फुलवारी व बुढ़ापे की काशी माना और हर भारतीय से गुरु गोविन्दसिंह बनने का आह्वान किया जो आज भी प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर कानाराम सोलंकी,राजू, कमलेश ने भी विवेकानंद के व्यक्तित्व कृतित्व पर प्रकाश डाला व विवेकानंद से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाएं।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य मीठालाल बोराणा ने की। स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन से शुरू हुए इस कार्यक्रम में भाषण व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा विवेकानंद के सपनों का भारत पर अपने विचारों को अभिव्यक्त किया।इसी प्रकार एन एस एस प्रभारी काना राम सोलंकी के निर्देशन में स्वदेशी संकल्प दौड़ आयोजित की गई। प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पारितोषिक देकर सम्मानित किया।अंत में सभी को स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाया।मंच संचालन कानाराम सोलंकी ने किया।इस अवसर पर राजू , वीरेंद्र सिंह भाटी, कमलेश, राकेश पुरी, निखिल राईका जगदीश नवदीप कुमार जाटव महेंद्र सिंह राजेंद्र कुमार यादव सुरेंद्र कुमार सिरोया कमला मेघवाल गायत्री देवी शर्मा समेत समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
उल्लेखनीय है कि 12जनवरी विवेकानंद जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रुप में मनाया जाता है।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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