चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया
चितौडगढ जिलें मण्डफिया मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्ण धाम सांवरिया जी में प्रशासन द्वारा नव वर्ष की पूर्व संध्या पर बुधवार को अति विशिष्ट लोगों के लिए दर्शन बंद की गाइडलाइन टिक नहीं पाई. खुद मंदिर मंडल प्रशासन द्वारा शाम को एक विशिष्ट श्रद्धालुओं के लिए स्पेशल गेट खोल दिया गया जो कि कस्बे के लोगों के लिए भी कभी नहीं खुला. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. मंदिर मंडल प्रशासन के इस निर्णय पर लोग सवाल उठाते दिख रहे हैं. शाम करीब 7:00 बजे दर्शन के बाद चित्तौड़गढ़ पहुंचे कुछ श्रद्धालुओं ने दबी जुबान से बताया कि 200 लोगों के लिए वर्षों से बंद जैन मंदिर के पास का गेट खोल दिया गया।
इनके प्रवेश के बाद मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं के दर्शन भी रोक दिए गए। आखिर ये लोग कौन थे, मंदिर मंडल के लोग भी कुछ बताने की स्थिति में नहीं थे। जबकि मंदिर प्रशासन ने मंगलवार को ही स्पष्ट कर दिया था कि वीआईपी दर्शन बंद रहेंगे, इसके बावजूद अचानक वर्षों से बंद गेट कैसे खोल दिया, यह स्थानीय श्रद्धालुओं के गले नहीं उतरा क्योंकि यह गेट तो गांव वालों के लिए भी नहीं खोला जाता.
आखिरकार मंदिर मंडल द्वारा अचानक यह गेट क्यों खोला गया? स्थानीय लोगों की समझ से परे था. आपको बता दे कि आम श्रद्धालुओं को डेढ़ किलोमीटर दूर वाहन रुकवाने के बाद ढाई किलोमीटर लंबे ज़िगजेग से निकालने के बाद दर्शन करवाए जा रहे हैं। जिस पर सवाल खड़ा होता है जबकि नियम गाइडलाइन बनाने वाले यही लोग और नियम गाइडलाइन को तोड़ने वाले यही लोग
Author: Rainbow News Hindustan
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