अयोध्या।
अयोध्या की प्राचीन धार्मिक संस्था मणिरामदास छावनी सदियों से सेवा कार्यों के लिए विख्यात रही है। यहां संत सेवा, गौ सेवा, विद्यार्थी सेवा और नर-नारायण सेवा निरंतर चल रही है। छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास महाराज के शिष्य एवं सेवा कार्यों को आगे बढ़ा रहे विनय शुक्ला ने बताया कि मणिरामदास छावनी में सेवा परंपरा को और व्यापक रूप दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि धर्म मंडपम के निर्माण के बाद सेवा कार्यों का दायरा और बढ़ा है। यहां न केवल देश के विभिन्न प्रांतों से, बल्कि विश्व के कोने-कोने से संत महात्मा आते हैं। संतों द्वारा कथा व प्रवचन होते हैं और उनके साथ आने वाले शिष्यों व भक्तों की समुचित सेवा की जाती है।
विनय शुक्ला ने बताया कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर से मोनी बाबा का आगमन हुआ था, जिनकी कथा का आयोजन किया गया। आगामी 23 तारीख से जयपुर के एक बड़े संत का आगमन प्रस्तावित है, जिनके साथ लगभग एक हजार शिष्य आएंगे। इस अवसर पर कथा, भोजन प्रसाद और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था मणिरामदास छावनी की ओर से धर्म मंडप में की जाएगी।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा धर्म मंडपम के उद्घाटन के बाद से सेवा कार्यों में निरंतरता और विस्तार आया है। छावनी प्रशासन समाज सेवा और धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के संकल्प के साथ लगातार कार्य कर रहा है।
Author: Rainbow News Hindustan
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