एक मोटरसाइकिल का मामला पहुंचा एसपी तक।

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चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया

एक मोटरसाइकिल का मामला पहुंचा एसपी तक।
लोन की किस बाकी बता कर मोटरसाइकिल उठवाई। जबकि एक ही बाकी किस्त प्रार्थी ने हाथों हाथ जमा कर दी फिर भी मोटरसाइकिल वापस नहीं दी। और न ही किस्त की रसीद दी।
जिला पुलिस अधीक्षक को अर्जी लगाने वाले पंकज पितत छोगालाल खटीक निवासी भादसोड़ा का कहना है कि 30 नवंबर 2025 को दोपहर 2 बजे पंकज और मुकेश दोनों भाई किसी काम से चित्तौड़गढ़ गए तो मुलजिम बलवंत सिंह ने चाय पिलाने के बहाने रोक कर बैठाया और चाय का आर्डर दिया। इतने में अन्य मुलजिम प्रताप सिंह और मयंक लौहार वे आ गये। और चार-पांच लड़कों को बुला लिया। मुझे बताया कि लोन की चार-पांच किसने बाकी है। और गाड़ी रेपो लिस्ट में है। और मेरी मां के नाम रजिस्टर्ड मोटरसाइकिल आर जे 09 एक्स एस 7860 के कब्जे में ले ली। गाड़ी उनके कब्जे में ले ली। मैंने कहा एक ही किस्त बाकी है। तब उसी समय मैंने वह किस्त भी 2092/- बलवंत सिंह को दे दी फिर भी उन्होंने गाड़ी वापस नहीं की। और ₹5000 खर्चा मांगा। और गालियां देने लगे। प्रार्थी ने गाड़ी वापस दिलाने और मुल्जिमों की गिरफ्तारी की मांग की।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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