राजकीय विद्यालयों में सामुदायिक गतिशीलता बढ़ाने में एसएमसी एसडीएमसी की महत्वपूर्ण भूमिका -माली
देसूरी,पाली।
विद्यालय के भौतिक विकास व गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण विकसित करने में समुदाय की सहभागिता आवश्यक है।राजकीय विद्यालयों में सामुदायिक गतिशीलता बढ़ाने में एसएमसी एसडीएमसी की महत्वपूर्ण भूमिका है अतः एस एमसी एसडीएमसी सदस्यों की क्षमताओं के संवर्धन जरुरी है। उक्त उद्गार अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी देसूरी विजयसिह माली ने स्थानीय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय देसूरी में ब्लाक स्तरीय एस एम सी एसडीएमसी के आरपी के एक दिवसीय प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किए।
माली ने कहा कि एस एमसी एसडीएमसी जितनी सशक्त होगी विद्यालय उतना ही सशक्त होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह प्रशिक्षण लाभकारी सिद्ध होगा।
सरस्वती पूजन से प्रारंभ हुए इस प्रशिक्षण में सर्व प्रथम संदर्भ व्यक्ति हिम्मत मेंशन ने प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों की प्रस्तावना रखी।दक्ष प्रशिक्षक उप प्राचार्य बाबूलाल गर्ग ने अलग अलग सत्रों में एस एम सी एसडीएमसी के गठन की प्रक्रिया, एसएमसी एसडीएमसी के कर्त्तव्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 , शिक्षा का अधिकार, विद्यालय विकास योजना,समग्र शिक्षा की योजनाओं पर चर्चा की। एसएमसी एसडीएमसी के क्षमता संवर्धन हेतु गतिविधियां भी करवाई गई। संदर्भ व्यक्ति हिम्मत मेंशन ने पंजीकरण सहित प्रशिक्षण की व्यवस्थाएं संभालीं। प्रधानाचार्य जगदीश ने आभार व्यक्त किया।मंच संचालन मुकेश ने किया।इस प्रशिक्षण में देसूरी ब्लाक के सभी पीईईओ यूसीईईओ से नारायण लाल रिंडर, नारायण लाल हिंगड़, नरेंद्र कुमार गेहलोत, हेमंत कुमार गर्ग,विक्रम सिंह जैतावत,प्रकाश कुमार शिशोदिया सहित एक एक के आर पी ने भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि कक्षा 1-8 के विद्यालयों में एस एम सी व कक्षा 1-12के विद्यालय में एस एमसी एसडीएमसी होती है ।
Author: Rainbow News Hindustan
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