जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी वैदेही वल्लभ देवाचार्य का प्रथम आगमन।

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जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी वैदेही वल्लभ देवाचार्य का प्रथम आगमन।
रामलला और हनुमंतलला का किया पूजन, संत समाज ने किया भव्य स्वागत

अयोध्या।भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब पश्चिम पीठ शेषमठ बागोद सिगड़ा पोरबंदर, सौराष्ट्र और कौशलेन्द्र मठ अहमदाबाद के पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी वैदेही वल्लभ देवाचार्य पहली बार श्रीधाम अयोध्या पधारे। उनके आगमन पर संतो-महंतों और श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया।रामलला और बजरंगबली का दर्शन
अयोध्या पहुंचने पर स्वामी जी ने सर्वप्रथम श्रीरामजन्मभूमि परिसर में विराजमान रामलला के दर्शन कर पूजन किया। तत्पश्चात उन्होंने सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में बजरंगबली का दर्शन किया और मां सरयू के तट पर पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।भावुक हुए जगतगुरु
धर्मसम्राट श्रीमहंत ज्ञानदास महाराज के आश्रम पर मीडिया से बातचीत में जगतगुरु ने कहा जगतगुरु पद पर प्रतिष्ठित होने के बाद यह मेरी पहली अयोध्या यात्रा है। रामलला, हनुमंतलला और सरयू मैया का दर्शन मेरे लिए अविस्मरणीय है। संत समाज ने जैसा स्वागत किया, वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।उन्होंने बताया कि उन्हें प्रयागराज कुंभ में तीनों अनी अखाड़ों, चार संप्रदायों, सात प्रमुख खालसाओं और देशभर के अनेक संतों-महंतों की सर्वसम्मति से जगतगुरु रामानंदाचार्य पद पर प्रतिष्ठित किया गया।
स्वामी वैदेही वल्लभ देवाचार्य के आगमन पर विभिन्न मठ-मंदिरों के महंतों ने स्वागत, पधरावनी और पादुका पूजन का आयोजन किया। उन्होंने कहा
यह दायित्व केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर रामानंद संप्रदाय की गरिमा और परंपरा को आगे ले जाना है।
निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत मुरलीदास महाराज ने कहा स्वामी जी का प्रथम अयोध्या आगमन संत परंपरा के लिए गौरवपूर्ण है। यह स्वागत हमारी परंपरा की शक्ति को दर्शाता है।महंत संजय दास, संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और ज्ञानदास महाराज के उत्तराधिकारी ने कहा
स्वामी जी का जगतगुरु बनना रामानंद संप्रदाय की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई देगा।
स्वामी अवधेश कुमार दास, बड़ा भक्तमाल मंदिर के महंत ने कहा
रामानंद संप्रदाय की यह शाखा सदियों से समाज और धर्म की सेवा कर रही है, अब इस नेतृत्व से नई ऊर्जा मिलेगी। इस अवसर पर महंत प्रेमदास महाराज के शिष्य डॉ. महेश दास, महंत सत्यदेव दास, महंत हेमंत दास, शिवम श्रीवास्तव, सहित बड़ी संख्या में संत, महंत और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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