श्री चक्रवर्ती महाराज दशरथ जी के बड़ी जगह में बड़ी धूमधाम मनाया गया शरद पूर्णिमा ।

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श्री चक्रवर्ती महाराज दशरथ जी के बड़ी जगह में बड़ी धूमधाम मनाया गया शरद पूर्णिमा ।

अयोध्या,यूपी।

अयोध्या के रामकोट स्थित हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी और चंद्र देव की उपासना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस रात जो व्यक्ति पूरे श्रद्धा भाव से माता लक्ष्मीजी कि पूजा करता है, उसके घर मैं सुख-समृद्धि और धन की वृद्धि होती है। शरद पूर्णिमा कि रात साल की सबसे पवित्र रात मानी जाती है। इस दिन खीर बनाकर चांद की रोशनी में रखी जाती है क्योंकि कहा जाता है कि चंद्रमा कीकिरणों से खीर में अमृत का स्पर्श होता है। 06 अक्टूबर, यानी कल शरद पूर्णिमा का व्रत रखा जायेगा। अश्विन मास कि पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। दरअसल शरद ऋतु कि पूर्णिमा एक महत्वपूर्ण तिथि है, इसी तिथि से शरद ऋतु का आरंभ होता है। ज्योतिषियों के अनुसार, ग्रहों औरनक्षत्रों के नजरिये से इस बार शरद पूर्णिमा बहुत ही खास मानी जा रही हे । दरअसल चंद्रमा मीन राशि में प्रवेश करने वाले हैं, जो बहुत ही विशेष माना जा रहा है। इसके अलावा, कल उत्तर भाद्रपद नक्षत्र और वृद्धि योग का संयोग बन रहा है। तो चलिए जानते हैं कि शरद पूर्णिमा से किन राशियों का अच्छा समय शुरू होने वाला है। 1) मेष – शरद पूर्णिमा मेष राशि वालों के लिए भाग्यशाली साबित हो सकती है। इस समय रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। जो लोग बिजनेस कर रहें हैं, उन्हें अचानक लाभ मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में भी खुशियाँ बढ़ेगी, और जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। किसी नए काम कि शुरुवात करने के लिए यह समय शुभ रहेगा (2) सिंह- शरद पूर्णिमा मिथुन राशि के जातकों के लिए नई उर्जा लेकर आयेगा। कैरियर मैं प्रगति और नए अवसर प्रदान होंगें। विद्यार्थी वर्ग के लिए भी यह समय सुनहरा है। पढ़ाई और अध्यन कार्य में एकाग्रता बढ़ेगी और परीक्षा मैं अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। अविवाहित लोगों को लिए भी विवाह केप्रस्ताव आने की संभावना है। सेहत में सुधार और मन प्रसन्न रहेगा। 3)- तुला सिंह राशि के जातकों से लिए शरद पूर्णिमा बेहद शुभ मानी जा रही है। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन रहें हैं। व्यापार में अचानक लाभ होगा और प्रतिष्ठा मैं वृद्धि होगी। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते है। परिवार मैं खुशी का माहौल रहेगा और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहेगी। शरद पूर्णिमा का महत्वरू शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इसदिन चांद अपनी 16 सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। और ऐसा कहा जाता है इस दिन चांद की रोशनी से धरती पर अमृत कि वर्षा होती है। हिंदू धर्म में यह रात माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की उपासना के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। माना जाता है कि इस रात जो व्यक्ति पूरे श्रद्धा भाव से
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Author: Rainbow News Hindustan

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