पीएम कुसुम योजना कम्पोनेंट सी शिवतलाव में 2.52 मेगावाट सोलर प्लांट शुरू।

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पीएम कुसुम योजना कम्पोनेंट सी
शिवतलाव में 2.52 मेगावाट सोलर प्लांट शुरू।

गिरधारी मेवाड़ा,

मुंडारा।

समीपवर्ती शिवतलाव ग्राम में मा राजकृपा लुमिनेक्स प्राइवेट लिमिटेड तत्वावधान में प्रधानमंत्री कुसुम योजना कम्पोनेंट सी के तहत 2.52 मेगावाट सोलर पैनल प्लांट का ग्रामीण विकास पंचायत राज व आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने फीता काटकर विधिवतउद्धघाटन किया।इस अवसर पर बाली विधायक पुष्पेन्द्रसिंह राणावत, जिला कलेक्टर लक्ष्मी नारायण मंत्री,डिस्कॉम पाली एसई अजय माथुर, प्रबंध निदेशक आरआरआई रामलाल जांगिड़, एडीएम बाली शैलेन्द्रसिंह चारण, डिस्कॉम देसूरी अधिशाषी अभियंता रामकिशन मीणा, बाली तहसीलदार जितेन्द्रसिंह, शिवतलाव ग्राम पंचायत प्रशासक रूपसिंह चौधरी,राजस्थान ग्रामीण बैंक पाली प्रहलादसिंह प्रतिनिधि व मा राजकृपा लुमिनेक्स प्राइवेट लिमिटेड निदेशक रघुनाथसिंह राजपुरोहित, निदेशक हरिसिंह राजपुरोहित,निदेशक एडवोकेट सुमेरसिंह राजपुरोहित व प्रबंध निदेशक नरसिंह राजपुरोहित मौजूद थे।
उद्धघाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए ग्रामीण विकास पंचायत राज व आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि 2.52 मेगावाट सोलर प्लांट से किसान कुसुम प्रोजेक्ट के तहत खेतों में सोलर पैनल लगाकर बेच सकते है।इसमें एक से तीन मेगावाट के पैनल लगाकर सरकार से निर्धारित यूनिट के हिसाब से भुगतान प्राप्त कर सकते है।इससे किसानों को लाखों रुपए की अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है।किसानों को बिजली समस्या से भी निजात मिलेगी।देवासी ने केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई पीएम कुसुम सोलर योजना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।उन्होंने से मा राजकृपा लुमिनेक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा शिवतलाव ग्राम में 2.52 मेगावाट सोलर प्लांट लगाने पर खुशी का इजहार करते हुए आभार जताया।
समारोह के मुख्य अतिथि बाली विधायक पुष्पेन्द्रसिंह राणावत ने कहा केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई पीएम कुसुम सोलर पैनल प्रोजेक्ट का उद्देश्य किसानों को फ्री बिजली और सोलर पम्प की सुविधा देना, ताकि वे समय पर सिंचाई कर सके और फसलों की बेहतर पैदावार ले सके।जो किसान ग्रिड के जरिए बिजली भेजते हैं उन्हें उसकी कीमत भी मिलती है।
राणावत ने कहा कि यह योजना विशेष रूप से कम बारिश और बिजली संकट वाले राज्यों के लिए फायदेमंद है।सोलर प्लांट लगने से किसानों को 24 घंटे बिजली मिलेगी और सोलर पैनल से जो अतिरिक्त बिजली बनेगी अतिरिक्त बिजली किसान सरकारी व निजी बिजली कंपनियों को बेचकर हर साल हजारों रुपयों की कमाई कर सकते है।बिजली का खर्चा बहुत ज्यादा है बिजली का बिल अधिक आ रहा है आप परेशान हो चुके है तो आपके लिए सोलर एनर्जी बहुत ही अच्छा विकल्प है सोलर एनर्जी को अपनाने वाले को सरकार के स्तर से सब्सिडी भी दी जा रही है।पीएम सूर्यघर योजना व किसानों के लिए किसान कुसुम एक से तीन प्रोजेक्ट के तहत बिजली का उत्पादन सोलर पैनल जरिए किया जा रहा है सोलर पैनल लगने से कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली दी जा रही है कुसुम सी घटक के तहत हर दिन औसतन एक नया सौर ऊर्जा सयंत्र ग्रिड से जुड़ रहा है।राजस्थान प्रान्त भारत में कुसुम प्रोजेक्ट से सर्वाधिक बिजली उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
जिला कलेक्टर एलएन मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से बिजली उत्पादन कर पर्यावरण को भी स्वच्छ रखा जा सकता है।वातावरण को प्रदूषण से भी मुक्ति मिल सकती है। एक पचास यूनिट खपत के उपभोक्ता पीएम सूर्यघर योजना में अभी भी रजिस्ट्रेशन करवाकर लाभान्वित हो सकते है सरकार सब्सिडी उपलब्ध करवा रही है।आने वाले समय में बिजली की खपत बढ़ रही है ऐसे में प्राकृतिक संसाधनों से उत्पादन हो रही बिजली पर फायदेमंद साबित होगी।आमजन को सोलर पैनल योजना से प्रेरित होकर कुसुम प्रोजेक्ट अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की पहल करनी होगी।मंत्री ने मा राजकृपा लुमिनेक्स प्राइवेट लिमिटेड के सराहनीय प्रयासों पर आभार जताया।
डिस्कॉम पाली अधीक्षण अभियंता अजय माथुर ने कुसुम योजना व पीएम सूर्यघर योजना पर विस्तार से अवगत कराते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट से प्रति माह 4 लाख यूनिट का उत्पादन कर डिस्कॉम को उपलब्ध करवा रहे है जिसकी खपत शिवतलाव, डूंगरली, बिलिया, मालारी व जुणा गावों के किसानो को दिन में बिजली दे रहे हैं।प्लांट लगने से कृषि उपभोक्ताओं को बिजली समस्या का निस्तारण हो चुका है।माथुर ने प्रोजेक्ट लगाने में आ रही ट्रीपिग की व ग्रिड कॉन्टेक्टरों के आपसी सामंजस्य स्थापित नहीं होने का भी अतिशीघ्र निदान का आश्वासन दिया।
आरआरआईप्रबंध निदेशक रामलाल जांगिड़ ने कहा कि सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट से पहले कोयला, हाइड्रो, परमाणु ऊर्जा से बिजली का उत्पादन बहुत ही महंगा होने के साथ वायुमंडल को प्रदूषित कर रहा था जिसमें आमजन के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता था।कोयला को भी आयात करना पड़ता था।आने वाले समयसंसाधनों की कमी भी होगी।ऐसे में सौर ऊर्जा बिजली समय की मांग है।राजस्थान प्रान्त में 18 बीघा में दो हजार मेगावाट का सयंत्र लगाया गया था। कुसुम योजना में राजस्थान प्रान्त अग्रणी भूमिका में होगा।
मा राजकृपा लुमिनेक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रघुनाथसिंह राजपुरोहित ने प्रोजेक्ट पर विस्तार से अगवत करवाते लगने वाले प्रोजेक्ट में आने वाली समस्याओं पर भी विभाग के अधिकारियों को ध्यान आकर्षित किया।
निदेशक एडवोकेट सुमेरसिंह राजपुरोहित ने उदघाटन समारोह के अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर रोहट प्रधान प्रतिनिधि महावीरसिंह सुकरलाई,वरिष्ठ विधि परामर्शी राज्य सचिवालय अरविंदसिंह सोकडा, डिस्कॉम सादड़ी एईएन अमितकुमार रोत, डिस्कॉम मुंडारा जेईइन कुणाल बंशीवाल, समाजसेवी मुकेशसिंह राजपुरोहित सोनाणा खेतलाजी, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष भैरूसिंह सोनाणा, सादड़ी पुलिस थाना निरीक्षक हनुमंतसिंह सोढ़ा, भंवरसिंह राजपुरोहित श्रीसेला, भंवरलाल लखेरा, बिलेश्वर महादेव महंत,एडवोकेट कमल श्रीमाली व पूर्व उपसरपंच अरविन्दसिंह राजपुरोहित मौजूद रहे।
मा राजकृपा लुमिनेक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अतिथियों का साफा पहनाकर, माल्यार्पण कर व स्मृति चिन्ह देकर बहुमान किया।मंच संचालन अशोकसिंह राजपुरोहित ने किया।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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