श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक अयोध्या की मणिराम छावनी में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की। इसमें राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े प्रोजेक्ट्स पर विस्तार से चर्चा हुई।
संजय यादव,अयोध्या
बैठक में 25 नवंबर को होने वाले राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों पर खास फोकस रहा। इससे पहले निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और राम दरबार के दर्शन किए।
नृपेंद्र मिश्र ने स्पष्ट किया कि अब मंदिर से संबंधित कोई नई परियोजना शुरू नहीं की जाएगी। केवल पूर्व स्वीकृत योजनाओं और चल रहे निर्माण कार्यों को ही प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मीडिया को जानकारी दी।
कामेश्वर चौपाल की जगह डॉ. कृष्ण गोपाल बने ट्रस्टी
बैठक के बाद महासचिव चंपत राय ने बताया कि बैठक में 9 ट्रस्टी मौजूद रहे, जबकि 3 ट्रस्टी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। बिहार के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद रिक्त पद पर आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक डॉ. कृष्ण गोपाल को नया ट्रस्टी नामित किया गया है। वहीं अयोध्या के राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र की मृत्यु से खाली हुई सीट पर अभी किसी का चयन नहीं हुआ है।
1400 करोड़ खर्च, 1100 करोड़ का
नृपेंद्र मिश्र ने जानकारी दी कि राम मंदिर निर्माण पर अब तक करीब 1400 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। इनमें से 1100 करोड़ का भुगतान ट्रस्ट द्वारा किया जा चुका है। बाकी राशि संग्रहालय और अन्य परियोजनाओं पर खर्च होगी।20 गैलरियों में दिखेगी रामकथा, हनुमान गैलरी होगी खास
ट्रस्ट अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय का निर्माण भी करा रहा है। इसमें 20 गैलरियां बनाई जा रही हैं, जिन पर लगभग 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। हर गैलरी में भगवान श्रीराम की जीवन लीला को 10-10 मिनट के डिजिटल एपिसोड के जरिए दिखाया जाएगा।
पवनपुत्र हनुमान को समर्पित एक विशेष गैलरी भी प्रस्तावित है, जिसमें 7D तकनीक से उनकी कथाएं दिखाई जाएंगी। साथ ही, यह भी बताया जाएगा कि दुनिया के अलग-अलग देशों में भगवान राम की पूजाअर्चना होती हैं
Author: Rainbow News Hindustan
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