भगवान सांवलियाजी की प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर लाकर चांदी के रथ में विराजमान करवाया।

चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया
चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित भगवान कृष्ण के प्रसिद्ध धाम, मंडफिया के श्री सांवलियाजी मंदिर में, जलझूलनी एकादशी के पावन पर्व पर एक अद्भुत और विशाल उत्सव का नजारा देखने को मिला। इस मौके पर निकाली गई चांदी के रथ की यात्रा ने मानो पूरी मंडफिया नगरी को ही गोकुल में बदल दिया।
सांवलिया सेठ में जलझूलनी एकादशी के तीन दिवसीय मेले के अवसर पर आज मुख्य दिवस पर मंडफिया नगरी में श्रृद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा, मंदिर परिसर से लेकर गांव की हर गली तक, हर तरफ आस्था का सैलाब देखने को मिला। देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालु इस अलौकिक यात्रा का हिस्सा बनने के लिए उमड़ पड़े। मुख्य मंदिर के दक्षिणी द्वार पर, शुभ अभिजीत मुहूर्त में मंदिर के मुख्य पुजारी ने भगवान सांवलियाजी की प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर लाकर चांदी के रथ में विराजमान करवाया। जैसे ही भगवान को रथ पर बिठाया गया, पूरा वातावरण सांवलिया सेठ की जय के जयकारों से गूंज उठा। यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक जुलूस नहीं थी, बल्कि भक्तों की भक्ति और प्रेम का एक अद्भुत संगम था। मंदिर बोर्ड के अध्यक्ष जानकी दास वैष्णव पूर्व अध्यक्ष भेरुलाल गुर्जर पूर्व अध्यक्ष सतनारायण शर्मा अतिरिक्त कलेक्टर प्रभा गौतम एडिशनल एसपी सरिता सिंह भाजपा जिला अध्यक्ष रतनलाल गाडरी नायब तहसीलदार शिव शंकर पारीक एवं कई भक्त श्रद्बालुओ व लाखों की संख्या में सांवरिया सेठ के दरबार में पहुंचकर भगवान सांवरिया सेठ की शोभायात्रा में पहुंचकर आनंद लिया शोभायात्रा मंदिर परिसर से 12:30 बजे मंदिर 4:30 सौ चांदी के रथ में विराजमान बैड बाजो व ढोलनंगाड़ो के साथ शोभा यात्रा मंदिर परिषद से पुराना घंटाघर कबूतर खाना एवं झूलने के लिए लेकर गए पुणे पूजा अर्चना कर मंदिर पर रात 8:00 बजे शोभा यात्रा पहुंचकर मंदिर परिसर में आतिशबाजी की जाएगी इस शोभायात्रा में लाखों की संख्या में भक्त सांवरिया सेठ शोभायात्रा में शामिल हुए और इस शोभायात्रा में अलग-अलग तरह की झांकियां एवं कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते दिखाई दिए
Author: Rainbow News Hindustan
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