हमे सभी के प्रति राग द्वेष छोड़कर वीतराग बनने का प्रयास करना चाहिए_धर्म चंद विजय।
फालना,पाली
जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक तपागच संघ के बैनर तले आयोजित चतुर्मास मैं पर्यूषण पर्व के द्वितीय दिवस धर्मचंद विजयी जी महाराज साहब ने अपने प्रवचन मैं संबोधित करते हुए कहा कि “वीतरागता” और “वित- द्वेष”पर केंद्रित होता है। इसका अर्थ है कि हमे सभी के प्रति राग-द्वेष छोड़कर,वीतराग बनने का प्रयास करना चाहिए,या कम से कम किसी के प्रति विरोध न रखने का अभ्यास करना चाहिए और आयोजित पंच कल्याणक पूजा के बारे में उन्होंने बताया कि पूजा किसी पवित्र अनुष्ठान का हिस्सा नहीं है बल्कि यह तीर्थंकरों के जीवन की 5 घटनाओं का उत्सव है इन घटनाओं को पंच कल्याणक करते हैं जिनमें गर्भ कल्याणक,जन्म कल्याणक,दीक्षा कल्याणक,केवल ज्ञान कल्याणक और मोक्ष कल्याणक शामिल हैं रात्रि में भक्ति संध्या का कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है जिसमें श्रद्धालु मध्यरात्रि तक बैठे रहते हैं एवं कार्यक्रम के बीच में “कौन बनेगा भाग्यशाली और कौन बनेगा पुण्य साली” ड्रा का आयोजन भी रखा गया था।इस अवसर पर जैन संघ के अध्यक्ष अरूण चौधरी सचिव संभव जैन,दिनेश मुठलिया,अमित मेहता,पारस बागरेचा,अशोक परमार,जयंतीलाल सिरोया,महेंद्र भंडारी,नरेंद्र बोहरा,हेमराज जैन,सोहन लाल पुनमिया,सुरेंद्र सोलंकी,प्रफुल जैन,साकल चंद खाटेड,शैलेश बोहरा,उत्तम मुठलिया,संजय सिरोया,पृथ्वीराज जैन,शैलेश जैन,महेंद्र सुंदेशा,विकास खाटेड,नरेंद्र बोहरा,दिलीप मेहता,रमेश मेहता,बाबूलाल पुनमिया ,राजेश मेहता,दिनेश बोहरा,रणजीत मल मेहता,नरपत राठौड़ धनराज जैन आदी लोगों की उपस्थिति में पर्युषण पर्व का कार्यक्रम हर्ष और उल्लास के साथ संपन्न हो रहा है।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





