अयोध्या में सावन झूला मेला
रामनगरी में अभेद्य सुरक्षा, चप्पे-चप्पे पर नजर
27 जुलाई से झूला मेले के लिए फोर्स की तैनाती, 9 अगस्त तक रहेगा सुरक्षा पहरा।
अयोध्या।
रामनगरी अयोध्या में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला प्रसिद्ध झूला मेला 27 जुलाई से 9 अगस्त तक धूमधाम से मनाया जाएगा। हर वर्ष सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया से लेकर पूर्णिमा तक चलने वाला यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का पर्व हैं। बल्कि अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मेले की सुरक्षा के लिए व्यापक और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। मनिपर्वत झूला मेले के लिए विशेष रूप से व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसको देखते हुए अयोध्या पुलिस ने एटीएस की भी तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन ने मेले को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए क्षेत्र को 6 जोन और 29 सेक्टरों में विभाजित किया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो यातायात और भीड़ को नियंत्रित करने में सहायता करेंगी।
*सीसी कैमरो व ड्रोन से रखी जा रही है नजर*
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सुगम वातावरण प्रदान किया जाए।मेले के दौरान मेडिकल सुविधाओं, स्वच्छता, और पेयजल की भी समुचित व्यवस्था की गई हैं।सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से मेले की निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
*मेला अयोध्या की धार्मिक पहचान*
मनिपर्वत झूला मेला अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मेले में दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान राम की नगरी में आकर झूला झूलने और मेले का आनंद लेने आते हैं। मेले में रंग-बिरंगे झूले, दुकानें, और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
*पौराणिक मान्यता से जुड़ा है मणिपर्वत*
ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, मणिपर्वत वह स्थल है, जहां भगवान श्रीराम के समय माता सीता सावन में झूला झूलती थीं। यह पर्वत लंका से लौटते समय हनुमान जी द्वारा लाए गए संजीवनी पर्वत का एक अंश माना जाता है, जो धरती पर गिर गया था। इसी स्थल पर आज का प्रसिद्ध मणिपर्वत मंदिर स्थित है। अयोध्या में झूला झूलने की यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। इस उत्सव का उल्लेख स्थानीय जनश्रुतियों, संत साहित्य और रामकथा से जुड़े वर्णनों में मिलता है। सावन के महीने में झूले पड़ना उत्तर भारत की लोक परंपरा रही है, लेकिन अयोध्या में यह परंपरा भगवान श्रीराम और माता सीता की झूला लीला के रूप में विशेष श्रद्धा से मनाई जाती है।
*श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, 24 घंटे निगरानी में रहेगा मेला क्षेत्र: एसएसपी*
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी अयोध्या) डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा है कि मेला क्षेत्र में 24 घंटे पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और मेला पूर्णतः शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। एसएसपी ने बताया कि मेले में हर संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के दृष्टिकोण से मेला क्षेत्र को 6 जोन और 29 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में एक वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में पुलिस कर्मियों की टीम लगातार गश्त कर रही है। इसके अतिरिक्त, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि झूला मेले में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु देश के कोने-कोने से पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य केवल भीड़ प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, व्यवस्थित और भावनात्मक रूप से संतोषजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी, आरएएफ, एटीएस, होमगार्ड, महिला पुलिस बल सहित कई सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है।एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि अयोध्या प्रशासन का लक्ष्य है कि यह मेला केवल धार्मिक आस्था और उत्साह का प्रतीक न बनकर रहे, बल्कि ऐसा आयोजन बने जिसे श्रद्धालु सुरक्षा, शांति और श्रद्धा के साथ लंबे समय तक याद रखें। “हमारा प्रयास यही है कि हर श्रद्धालु यहां आकर खुद को सुरक्षित महसूस करे और भगवान श्रीराम की नगरी की भक्ति, संस्कृति और परंपरा में पूरी तरह रम जाए”।
*मणिपर्वत मेला*
1 जोन,5 सेक्टर
पुलिस बल,एक अपर पुलिस अधीक्षक,6 सीओ
7 एसओ,15 निरीक्षक ,95 उप निरीक्षक, 250 आरक्षी ,5 म. उप निरीक्षक, 25 म. आरक्षी, 2.5 कंपनी पी ए सी ,1 कंपनी आर ए एफ आदि व सुरक्षा व्यवस्था की गई हैं।
*सम्पूर्ण झूला मेला-27 जुलाई से 9 अगस्त तक*
6 जोन,29 सेक्टर,6 अपर पुलिस अधीक्षक,21 सीओ
55 निरीक्षक, 400 उप निरीक्षक, 1100 आरक्षी ,50 म. उप निरीक्षक,170 म. आरक्षी, 10 कंपनी पी ए सी,1 कंपनी पी ए सी बाढ़ राहत, 2 कंपनी आर ए एफ,1 टीम एसडीआरएफ,1 टीम एटीएस।
*रामनगरी में झूलनोत्सव की भव्य शुरुआत, मणिपर्वत पर सिया-संग झूले श्रीराम*
अयोध्या सावन शुक्ल तृतीया के पावन अवसर पर रविवार को रामनगरी अयोध्या में आस्था, भक्ति और उल्लास का भव्य संगम देखने को मिला। झूलनोत्सव की परंपरा के अंतर्गत अयोध्या के सैकड़ों प्रमुख मंदिरों से भगवान श्रीराम व माता सीता की शोभायात्राएं निकाली गईं, जो गाजे-बाजे, भजन-कीर्तन और भक्तों की जयकारों के बीच मणिपर्वत पहुंचीं। दोपहर बाद कनक भवन, श्रीरामवल्लभाकुंज, दशरथ महल, हनुमत निवास, मणिराम दास छावनी सहित अन्य मंदिरों से सजीधजी पालकियों में भगवान के स्वरूपों को झांकी के रूप में रवाना किया गया। मणिपर्वत पर विशेष रूप से वृक्षों की डालियों पर झूले सजाए गए थे, जहां भगवान श्रीराम माता सीता के संग झूले पर विराजमान हुए। झूला दर्शन के दौरान मणिपर्वत परिसर भक्ति और श्रद्धा के माहौल से सराबोर रहा। संतों और श्रद्धालुओं के समूहों ने भजन-कीर्तन, नृत्य और वादन के माध्यम से आयोजन में भक्तिरस घोल दिया। भगवान के दर्शन हेतु हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सभी शोभायात्राएं पुनः अपने-अपने मंदिरों को लौट गईं। इसी के साथ अयोध्या के करीब 1000 मंदिरों में 12 दिवसीय झूला उत्सव का विधिवत शुभारंभ हो गया है, जो सावन पूर्णिमा, रक्षाबंधन (9 अगस्त) तक चलेगा।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





