अयोध्या के मठ मंदिरों में गुरु पूर्णिमा पर उमड़े लाखों भक्त।
सरयू स्नान और मंदिरों में दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, मंदिरों में गुरु पर्व मनाने की धूम।

अयोध्या। संजय यादव
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में गुरु पूर्णिमा का पर्व इस वर्ष आस्था, भक्ति और गुरु वंदना का अद्वितीय संगम बन गया। पूरे नगर में संतों के आश्रम, मंदिरों और मठों में गुरु पूजन, भजन, संकीर्तन और सत्संग का आयोजन भव्य रूप में हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने सरयू स्नान के बाद अपने-अपने गुरुओं का पूजन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
हनुमानगढ़ी के महंत रमेश दास जी महाराज ने बताया कि आश्रम में प्रातःकाल से ही शिष्य और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि “गुरु ही आत्मा का वह दर्पण हैं, जिसमें हम परमात्मा का दर्शन करते हैं। राम ने गुरु वशिष्ठ से मर्यादा सीखी और वही उनकी पहचान बनी। आज का दिन गुरु के उपदेशों को आत्मसात करने का है।”हनुमानगढ़ी, अयोध्या का सबसे प्राचीन एवं प्रतिष्ठित मंदिर, गुरु पूर्णिमा पर रामभक्तों की अपार श्रद्धा से भरा रहा।“गुरु पूर्णिमा केवल पूजन का दिन नहीं, बल्कि आत्म-निरीक्षण का दिन है। हनुमानजी स्वयं अपने गुरु श्रीराम के प्रति पूर्ण समर्पण के प्रतीक हैं।”
महंत रमेश दास ने अपने गुरु पूज्य महंत भावनाथ दास जी महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर पूजन अर्चन कर गुरु जी आशीर्वाद प्राप्त किया
संत प्रेम मूर्ति कृष्णकांत दास ने बताया कि मंदिर परिसर में गुरु पूजन के साथ भजन और यज्ञ का आयोजन हुआ। उन्होंने कहा “गुरु वही होता है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए। गुरु पूर्णिमा आत्मा के दीपक को प्रणाम करने का पर्व है।” मंदिर में श्रीराम नाम संकीर्तन और गुरु चरण वंदना की दिव्यता रही।
Author: Rainbow News Hindustan
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